Jambhsar Media Desk, New Delhi : बजट, जो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया है, में चॉल, किराए के मकान और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को नए घरों की पेशकश की गई है।
बजट, जो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया है, में चॉल, किराए के मकान और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को नए घरों की पेशकश की गई है। सरकार इसके लिए एक विशिष्ट कार्यक्रम बनाने जा रही है। जो गरीब लोगों को घर बनाने में मदद करेगा। सिग्नेटर ग्लोबल लिमिटेड के संस्थापक और चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने अब इस मामले को भी उजागर किया है।
वहीं, प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि वित्त मंत्री ने घर के स्वामित्व का महत्व बताया है। सरकार ने मध्यम वर्ग को घर देने की योजना बनाने का ऐलान किया।
जो लोग घर बनाना चाहते हैं या खरीदना चाहते हैं इससे उन्हें फायदा होगा। इसका लक्ष्य किराए पर रहने वाले लोगों को घर मिलने में मदद करना है। सरकार के इस घोषणा से अफोर्डेबल और मिड हाउसिंग सेक्टर को गति मिलेगी। किफायती आवास सरकार की पहली प्राथमिकता रही है। आयकर नियम 1961 के तहत आवास खरीदने वालों को कुछ प्रोत्साहन और छूट भी मिलती हैं।
होम लोन के ब्याज पर इनकम टैक्स की धारा 80EE के तहत छूट मिलती है। जो पहली बार घर खरीदते हैं उन्हें इस धारा में प्रोत्साहन मिलता है। होम लोन लेने वाले व्यक्ति 50 हजार रुपये तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।
सरकार ने PM Housing Scheme के तहत 2024–2025 में 1 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सरकारी घर खरीदने में सहायता दी जाती है।








