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अब इतनी सैलेरी पर भी देना पड़ेगा खूब सारा इनकम टैक्स, जाने पूरी डिटेल

अब इतनी सैलेरी पर भी देना पड़ेगा खूब सारा इनकम टैक्स, जाने पूरी डिटेल
अब इतनी सैलेरी पर भी देना पड़ेगा खूब सारा इनकम टैक्स, जाने पूरी डिटेल

Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्‍ली: आज देश में करोड़ों लोग हर साल टैक्स भरते हैं और इस टैक्स का इस्तेमाल सरकार देश के विकास के लिए करती है। income tax भरने के लिए देश में अलग अलग टैक्स स्लैब्स बनाई गयी है और और उन्ही के हिसाब से ही टैक्स पेयर को टैक्स देना पड़ता है। पिछले साल सरकार ने new tax regime की शुरुआत की थी और उसके अनुसार टैक्स पेयर को साढ़े 7 लाख तक की आमदन पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता पर अगर आपकी सैलरी इतनी भी ज्यादा हो तो आपको अच्छा ख़ासा टैक्स देना पड़ सकता है। आइये जानते हैं कितनी सैलरी पर आपको कितना देना पड़ेगा टैक्स

अगर आप भी हर साल टैक्स भरते हैं तो ये तो आप जानते ही होंगे की देश में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के लिए टैक्सपेयर्स (Taxpayers) के पास दो विकल्प मौजूद हैं- ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) और न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime). टैक्सपेयर्स अपनी सुविधा के अनुसार, दोनों में से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं.  इस साल जब भी आप तसभरें तो जान लीजिये की न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) बाय डिफॉल्ट रहेगा, अगर किसी को ओल्ड टैक्स रिजीम (old Tax Regime) के साथ जाना है तो फिर उन्हें ओल्ड टैक्स रिजीम के विकल्प को चुनना होगा. 

पिछले साल केंद्र सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में बड़ा बदलाव करते हुए 7 लाख रुपये तक की राशि को टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था. इसके साथ ही ओल्ड और न्यू दोनों आयकर व्यवस्था में 50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन लाभ भी मिलता है. जिससे अगर आपकी सैलरी साढ़े 7 लाख रूपए तक है तो आपको कोई टैक्स (income tax) नहीं देना पड़ेगा पर इसके साथ ही अगर आपकी सैलरी साढ़े 7 लाख से एक भी रूपया ज्यादा हो जाती है तो आप आटोमेटिक नई स्लैब में आ जायेंगे और आपको फिर उसी हिसाब से टैक्स देना पडेगा 

न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के अनुसार, 0 से तीन लाख की सालाना आय पर 0 फीसदी आयकर, 3 से 6 लाख की आय पर 5 फीसदी, 6 से 9 लाख की इनकम पर 10 फीसदी, 10 से 12 लाख रुपये की आय पर 15 फीसदी, 12 से 15 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी और 15 लाख से ज्यादा की आय पर 30 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा. 

मान लीजिए किसी की सैलरी 7.60 लाख रुपये सालाना है. न्यू टैक्स रिजीम में 50 हजार रुपये के स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन को मिलाकर साढ़े 7 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री है. लेकिन यहां सालाना आमदनी 7.60 लाख रुपये है, यानी साढ़े 7 लाख रुपये से ज्यादा है.

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न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के अनुसान तीन लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. बाकी के चार लाख 60 हजार रुपये टैक्स से दायरे में आएगा. तीन लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये की इनकम पर 5 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा, जो 15,000 रुपये बनेगा. इसके बाद बचे 1 लाख 60 हजार रुपये में 50 हजार स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन माइनस करने के बाद एक लाख 10 हजार रुपये टैक्स के दायरे में आता है, जो कि 10 फीसदी टैक्स स्लैब में जोड़ा जाएगा. इस पर आयकर 11,000 रुपये बनता है. इस तरह से 7,60,000 रुपये की आय पर कुल 26000 रुपये आयकर बनता है. लेकिन यहां इनकम टैक्स विभाग का एक अलग नियम लागू होता है. 7 लाख से ज्यादा की आय की राशि और उसपर लगा टैक्स दोनों में से जो कम होगा, वो टैक्स लगेगा. 

इस नियम के मुताबिक स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन को मिलाकर 7.50 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री है, अगर आय 7.60 लाख रुपये है, तो टैक्स के दायरे में आय का केवल 10 हजार रुपये आ रहा है. जबकि सिंपल न्यू टैक्स स्लैब (New Tax Regime) से 26000 रुपये टैक्स बनता है. ऐसे आयकर विभाग का नियम कहता है कि इन दोनों में जो न्यूनतम राशि होगी, वही इनकम टैक्स के तौर पर देय होगा. यानी 7.60 लाख रुपये की आय पर टैक्स की राशि 10 हजार रुपये होगी.

मान लीजिए कि आपकी सालाना इनकम 7.60 लाख रुपये है. स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन के तौर पर 50 हजार रुपये का लाभ मिलता है. (7,60,000-50,000= 7,10,000 रुपये). 

नियम के मुताबिक 3 लाख रुपये की आमदनी पर किसी तरह के टैक्स का प्रावधान नहीं है. इसलिए सात लाख में से तीन लाख टैक्स फ्री हो जाएगी. (7,10,000- 3,00,000= 4,10,000 रुपये).

अब चार लाख 10 हजार रुपये की राशि टैक्सेबल होगी. लेकिन ये राशि पर दो टैक्स स्लैब के दायरे में आएगी. तीन लाख रुपये पर पांच फीसदी का टैक्स लगेगा. (3,00,000%5= 15,000 रुपये).

बाकी के एक लाख 10 हजार रुपये की राशि 10 फीसदी टैक्स स्लैब के दायरे में आएगी. 1,10,000%10= 11,000 रुपये. इस तरह से (15,000+11,000= 26,000) कुल 26,000 रुपये आयकर बनता है. लेकिन आयकर दायरे से आय की राशि केवल 10 हजार रुपये ज्यादा है, ऐसे में केवल 10 हजार रुपये इनकम टैक्स देना होगा.  

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