Jambhsar Media, New Delhi: राजस्थान समेत देशभर में आगामी शैक्षणिक सत्र में कुल 112 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमे से 11 मेडिकल कॉलेज राजस्थान में खोले जा रहे है. चलिए आपको बताते है इस रिपोर्ट में किस जिले में खोले जा रहे है नए मेडिकल कॉलेज..
जानकारी के अनुसार, 112 नए मेडिकल कॉलेजों में से 11 राजस्थान में खोले जाएंगेे। इनमें से छह सरकारी और पांच निजी हैं। ये कॉलेज राजधानी जयपुर, जोधपुर, कोटा, बारां, सवाईमाधोपुर, श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, नागौर और बांसवाड़ा शहरों में खोले जाएंगे।
इनमें से जयपुर, जोधपुर में दो-दो, जबकि कोटा और श्रीगंगानगर में एक-एक निजी कॉलेज प्रस्तावित हैं। वहीं नागौर, सवाईमाधोपुर, बारां, झुंझुनू और बांसवाड़ा में 1-1 सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगेे।
वर्तमान में, देश में मेडिकल कॉलेजों में करीब 1.10 लाख सीटें उपलब्ध हैं, जबकि 112 नए कॉलेजों ने एमबीबीएस कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया है जिससे करीब 10 हजार सीटें बढऩे की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के तहत काम करने वाले मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) ने 112 मेडिकल संस्थानों की सूची जारी की है, जिन्होंने एमबीबीएस शुरू करने के लिए आवेदन किया है।
एमआरबी ने सभी प्रस्तावित चिकित्सा संस्थानों को ईमेल के जरिए सूचना जारी कर अगले आदेश तक इंतजार करने को कहा है।
एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि नए 112 और मौजूदा 52 कॉलेजों में एनएमसी का निरीक्षण बाकी है। नए कॉलेजों में दाखिला करीब 100 से 150 होगा, जबकि मौजूदा 52 कॉलेजों में करीब 50 सीटें बढ़ाई जानी हैं।
एनएमसी के निरीक्षण के बाद प्रस्तावित 112 नए मेडिकल कॉलेजों में से 75 काम करना शुरू कर देंगे और यदि सीटों की संख्या प्रति कॉलेज 100 बढ़ा दी जाती है, तो कुल 7500 सीटें बढ़ जाएंगी।
इसके अलावा, 52 मेडिकल कॉलेजों में लगभग 2500 सीटें जोड़ी जाएंगी। इससे मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त सीटों की संख्या करीब 10,000 हो जाएंगी।
तो, 1.20 लाख के पार हो जाएंगी सीटें
देव शर्मा के अनुसार, एनएमसी की वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में 706 मेडिकल कॉलेजों में 1,09,145 सीटें हैं। जिनमें से 389 सरकारी या सरकार प्रायोजित कॉलेजों में 56380 एमबीबीएस सीटें हैं जबकि 317 निजी मेडिकल कॉलेजों में 52,765 सीटें उपलब्ध हैं। एक बार अतिरिक्त सीटों बढ़ा दी जाती हैं, तो देश में एमबीबीएस सीटों की संख्या 1.20 लाख को पार कर जाएगी।








