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Rajasthan News: राजस्थान में अब घर-घर टैंकरों से पानी की आपूर्ति करेगी सरकार, 1.88 करोड़ का बजट स्वीकृत

Rajasthan News: राजस्थान में अब घर-घर टैंकरों से पानी की आपूर्ति करेगी सरकार, 1.88 करोड़ का बजट स्वी
Rajasthan News: राजस्थान में अब घर-घर टैंकरों से पानी की आपूर्ति करेगी सरकार, 1.88 करोड़ का बजट स्वी

Jambhsar Media, New Delhi: प्रदेश में लगातार गर्मी अपने पाँव पसार रही है. दिन में हलकी धुप अब लोगों को खासा परेशान कर रही है. राजस्थान जैसे प्रदेश में गर्मियों की सीजन में पानी की कमी होना लाजमी ही है ऐसे में बारां जिले का जलदाय विभाग अब इससे निपटने के लिए अलग स्तर की तैयारी की है. अब जलदाय विभाग पानी की कमी को पूरा करने के लिए टैंकरों का इस्तेमाल करेगा. इसके लिए बाकायदा 1.88 करोड़ रूपए का बजट स्वीकृत किया गया है.

गर्मी का असर तेज होने के साथ ही पानी की मांग बढऩे लगी है। तो इसकी कीमत समझ में आने लगी है।

लेकिन जलदाय विभाग की ओर से लोगों की आवश्यकता के मुताबिक पेयजल की आपूर्ति नहीं की जा रही है। कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह हर वर्ष की समस्या है।

लोग पानी-पानी चिल्लाते रहते है और जिम्मेदार कुछ जगह बंदोबस्त करते है और कुछ जगह आश्वासन देकर समय निकालते रहते है।

बारिश शुरू होने के बाद मांग में कमी आती है तो मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, लेकिन शहर में गर्मी के सीजन को देखते हुए पेयजल का उत्पादन बढ़ाने को लेकर कार्य योजना नहीं बनाई जा रही है।

उत्पादन बढ़ाने के स्थायी संसाधन विकसित करने के स्थान पर पानी खरीदकर टैंकर से आपूर्ति करने की राह अपनाई जाती रही है।

इस वर्ष भी टैंकर से जलापूर्ति के लिए करीब 188 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। इस वर्ष तो मार्च माह में ही किशनगंज ब्लॉक के कुछ छेत्र में टैंकर चालू करने पड़ गए हैं।


24 घंटे में महज पौन घंटे ही मिला पानी 

जलदाय विभाग की ओर से यों तो नियमित रूप से जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन जितनी देर सर्दी के दिनों में जलापूर्ति की जाती थी, गर्मी के दिनों में भी उतना ही पानी दिया जाता है। वर्तमान में टंकियों से सुबह के समय चौबीस घंटे में 30 से 45 मिनट तक ही जलापूर्ति की जा रही है।

इसमें भी बिजली ट्रिङ्क्षपग हो जाए तो फिर प्यास बुझाने लायक पानी का बंदोबस्त करने के भी लाले पड़ जाते है। जबकि शहर के आसपास तीन प्रमुख नदियां होने से चौबीस घंटे जलापूर्ति की व्यवस्था हो सकती है।

स्थाई समाधान हो तो दूर हो जाएगी समस्या 

विभागीय अधिकारी और जिला प्रशासन की ओर से इतना तो माना जाता है की गर्मी में पानी की मांग बढ़ेगी। इसे देखते हुए गर्मी सीजन से पहले ही वैसे कार्य योजना तो बनाई जाती है, लेकिन टैंकरों से पानी पहुंचाने के लिए बनाई जाती है।

इस पर लाखों का बजट खर्च किया जा रहा है। इस वर्ष भी भारी भरकम बजट का बंदोबस्त किया गया है। शहरी क्षेत्र में तो जल उत्पादन के स्थाई बंदोबस्त किए जाने की खास जरूरत है।

ग्रामीण इलाकों में जरूर हैडपम्प से लोग पानी लेते है तो वहां हैंडपम्प सूख जाते हैं और टैंकर से पानी पहुंचाना जरूरी है।

सर्दी की अपेक्षा गर्मी के दिनों में पानी की मांग बढ़ कर दोगुनी हो जाती है। इसे देखते हुए टेल क्षेत्र में टेंकरों से जलापूर्ति की जाएगी। जिले में सभी ब्लॉक वार टेंडर कर कार्यादेश दे दिए हैं।

जिले के लिए करीब एक करोड़ 88 लाख रूपए की राशि स्वीकृत हुई है। फिलहाल किशनगंज ब्लॉक में टैंकर शुरू किए गए हैं।
प्रमोद झालानी, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग

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