Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में सफर करने वाले यात्रियों को बसों की लाइव लॉकेशन देखने की सुविधा मिलेगी। इसी के साथ रोडवेज प्रशासन को बस चालकों की खामियां भी पता चल सकेगी। इसके लिए रोडवेज की नई बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में सफर करने वाले यात्रियों को बसों की लाइव लॉकेशन देखने की सुविधा मिलेगी। इसी के साथ रोडवेज प्रशासन को बस चालकों की खामियां भी पता चल सकेगी। इसके लिए रोडवेज की नई बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। रोडवेज की ओर करीब दो हजार बसों में यह नवाचार किया जा रहा है। प्रथम चरण में करीब 500 बसों में जीपीएस लगाया जा चुका है। अप्रैल तक सभी बसों में जीपीएस लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद यात्रियों को लाइव लॉकेशन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए रोडवेज दो एप तैयार करेगा। पहला एप यात्रियों के लिए होगा और दूसरा एप से रोडवेज अधिकारी बसों की मॉनिटरिंग करेंगे।
जीपीएस सिस्टम लगने के बाद यात्री एप पर देख सकेंगे कि उसके आसपास कितनी रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। इसके अलावा जिस बस का टिकट यात्री ने बुुक कराया है, एप के जरिए पता चलेगा कि वह बस कितनी देर में बस स्टैंड आएगी और कहां, किस रूट पर चल रही है। इससे यात्रियों के समय की भी बचत होगी। यात्री बसों के समय के हिसाब से बस स्टैंड पहुंचेंगे।
जीपीएस सिस्टम लगने के बाद रोडवेज प्रबंधक की ओर से भी बसों की मॉनिटरिंग होगी। जीपीएस में ऐसे फीचर लगाए गए हैं कि बसों की ओवरस्पीड, तेज ब्रेक और तेज गति से घुमाव का भी पता चलेगा। कितनी देर बस चालू हालत में खड़़ी रही, इसकी सूचना भी रोडवेज प्रशासन को पता चलेगी। इससे बसों में ईधन की बचत होगी। इसी के साथ चालक की स्किल का भी पता लगेगा।
अभी बसों की मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। यात्रियों को बसों के समय की भी सूचना नहीं मिलती। यात्री घंटों तक बस स्टैंड पर खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैैं। इसके अलावा चालक मनमानी से बसों को तेज गति से चलाते हैं। कई बार यात्रियों की ओर से भी शिकायतेें भी मिलती है।
3200 बसों का संचालन किया जा रहा है।
500 बसों की खरीदने की प्रक्रिया जारी है
58 डिपो हैं रोडवेज के पास








