Jambhsar Media, New Delhi: राजस्थान में बड़े स्तर पर SI भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का घोटाला हुआ है. SOG की जांच में परत दर परत खुलासे लगातार हो रहे है. इसी बीच राजस्थान में तकरीबन 300 और SI एसओजी की रडार पर है. चलिए आपको देते है पूरी जानकारी इस खबर में..
राजस्थान पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में एसओजी (SOG) की जांच जारी है. इस जांच में पेपर लीक से जुड़ी कई परतें उधड़ रही हैं. इसके बाद राजस्थान के और भी कई थानेदार एसओजी की एसआईटी के रडार पर आ गए हैं.
वहीं एसआई भर्ती परीक्षा 2014 बैच के थानेदार जगदीश सिहाग के परीक्षा में नकल कर पास होने के खुलासे और उसकी गिरफ्तारी के बाद यह भर्ती परीक्षा भी एसओजी के जांच के दायरे में आ गई है. अब आरपीएससी ने भी 300 से ज्यादा संदिग्ध थानेदारों की सूची पुलिस मुख्यालय को भेजी है.
दरअसल करीब एक महीने पहले ट्रेनी सब इंस्पेक्टर डालूराम मीणा की गिरफ्तारी के बाद एसओजी की एसआईटी को एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक होने और डमी कैंडिडेट बैठाकर चयन कराने के अहम सुराग मिले थे. इसके बाद एसओजी ने पेपर लीक माफिया जगदीश बिश्नोई को गिरफ्तार किया. गैंग में शामिल हर्षवर्धन मीणा और राजेंद्र यादव पकड़ा गया. राजेंद्र यादव खुद पेपर नकल कर एसआई भर्ती में चयनित हुआ था.
हर्षवर्धन की पत्नी के भी एसआई भर्ती में पेपर नकल करने का खुलासा हुआ. वहीं एसआई भर्ती 2021 का पेपर लीक करवाने में सहयोगी बने मुख्य किरदारों में लाइब्रेरियन शिवरतन मोट और रवींद्र बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र अधीक्षक राजेश खंडेलवाल की गिरफ्तारी और फरार हो चुके यूनिक भांभू का नाम सामने आया.
की जा रही दस्तावेजों की जांच
एसआई भर्ती पेपर लीक प्रकरण में मजबूत साक्ष्य जुटाने के लिए एसओजी इन दिनों एफएसएल की मदद ले रही है. इसके लिए एफएसएल की स्पेशल टीम का गठन किया गया है. उनके अधिकारी रोजाना एसओजी मुख्यालय (SOG Headquarter) पहुंचकर दस्तावेजों की जांच में जुटे हुए हैं.
इनमें अभ्यर्थियों के साइन, फोटो और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही एसओजी किसी अहम नतीजे पर पहुंचने के बाद अपनी जांच रिपोर्ट एसओजी की एसआईटी विंग को सौंपेगी. उसके बाद पेपर लीक के जरिए सब इंस्पेक्टर बने और भी नकलची थानेदार गिरफ्तार हो सकते हैं. वहीं, 14 ट्रेनी अभी एसओजी की रिमांड पर चल रहे हैं. 18 मार्च को उनके कुल 12 दिनों की रिमांड अवधि पूरी हो जाएगी.
300 से ज्यादा संदिग्ध थानेदारों की सूची भेजी
वहीं, अब आरपीएससी ने भी 300 से ज्यादा संदिग्ध थानेदारों की सूची पुलिस मुख्यालय से शेयर की है. जानकारी में यह भी सामने आया है कि पीएचक्यू में कार्मिक और भर्ती शाखा भी संदिग्ध थानेदारों की आरपीए के सहयोग से छंटनी कर एसओजी को नाम भेज चुका है. ऐसे में स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम इन संदिग्ध नामों के रिकॉर्ड की जांच करेगी. इसके साथ में एसओजी उन थानेदारों पर भी नजर बनाए हुए हैं जो कि पेपर भर्ती लीक प्रकरण के खुलासे के बाद ट्रेनिंग या ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं.
इंटरव्यू लेने वाले पैनल बोर्ड पर भी है नजर
यही नहीं रिमांड पर चल रहे ट्रेनी सब इंस्पेक्टर्स से पूछताछ के बाद आरपीएससी में बैठे कुछ लोगों के नाम भी एसओजी ने चिन्हित किए हैं. एसआईटी विंग उन सभी ट्रेनी एसआई के इंटरव्यू लेने वाले पैनल बोर्ड में शामिल नामों की जानकारी जुटा रही है. सभी तथ्य और सबूत जुटाने के बाद आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारी देखने को मिलेगी.








