BreakingMahakumbh's Monalisa turns out to be a minor! A major revelation comes after her marriage...BreakingA phone conversation resulted in death! A teacher was struck by the Vande Bharat train in Dausa, a heartbreaking accident.Breaking"The viral Mahakumbh girl turned out to be a minor! She married using a fake birth certificate, even the CMO was in trouble."Breaking"The Vaishno Devi pilgrimage proved a blessing! A sister's gaze fell upon her and she found her lost brother."Breakingराजस्थान की कॉलेज गर्ल बनी गैंगस्टर की दुल्हन: कौन है दुल्हन ? जानिए क्या है सच्चाईBreaking"The brother's bier came before the sister's doli... mourning spread in the wedding house."BreakingMahakumbh's Monalisa turns out to be a minor! A major revelation comes after her marriage...BreakingA phone conversation resulted in death! A teacher was struck by the Vande Bharat train in Dausa, a heartbreaking accident.Breaking"The viral Mahakumbh girl turned out to be a minor! She married using a fake birth certificate, even the CMO was in trouble."Breaking"The Vaishno Devi pilgrimage proved a blessing! A sister's gaze fell upon her and she found her lost brother."Breakingराजस्थान की कॉलेज गर्ल बनी गैंगस्टर की दुल्हन: कौन है दुल्हन ? जानिए क्या है सच्चाईBreaking"The brother's bier came before the sister's doli... mourning spread in the wedding house."
News·Jitu Bishnoi·

जम्मू में चपे-चपे पर special forces para commando तैनात: 49-54 पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी का शक,

जम्मू में चपे-चपे पर special forces para commando तैनात: 49-54 पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी का शक,
जम्मू में चपे-चपे पर special forces para commando तैनात: 49-54 पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी का शक,

जम्मू में बढ़ते आतंकी हमलों के बीच भारतीय सेना ने लगभग पांच सौ पैरा स्पेशल फोर्स कमांडो को तैनात किया है। रक्षा सूत्रों ने ANI को बताया कि 50 से 55 पाकिस्तानी आतंकियों के जम्मू रीजन में छिपे होने की आशंका है। ये भारत में टेरर नेटवर्क को फिर से शुरू करने के लिए आए हैं।

सेना ने यह इंटेलिजेंस इनपुट प्राप्त करके मोर्चा संभाल लिया है। इंटेलिजेंस एजेंसियां भी आतंकियों का समर्थन करने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर और ओवरग्राउंड वर्कर्स को हटाने की कोशिश कर रहे हैं।



  IAS Puja Khedkar UPSC, FIR पर पूजा खेडकर बोली ,कहा- जो भी होगा, मेरे पापा  उसका…  


रक्षा सूत्रों ने बताया कि आतंकवादी जम्मू में घुसपैठ करने के लिए उच्चस्तरीय ट्रेनिंग लेकर आए हैं। उनके पास नवीनतम हथियार और सामग्री हैं। सेना इन आतंकियों की खोज और मार डालने की योजना बना रही है।

आज जम्मू भी आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी जा रहे हैं। जम्मू में बढ़ रही आतंकी घुसपैठ की घटनाओं को लेकर वे सेना के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।


आतंकियों से लड़ने के लिए सेना ने पहले ही 3500 से 4000 सैनिकों की ब्रिगेड भेजी है। इसके अलावा, जम्मू में सेना के पास पहले से ही एक काउंटर-टेररिस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर है, जिसमें राष्ट्रीय राइफल्स की दो फोर्सेज और रोमियो और डेल्टा फोर्सेज शामिल हैं।


जम्मू में सक्रिय जैश और लश्कर नेटवर्क

जम्मू क्षेत्र में सेना ने दो दशक पहले स्थानीय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को सख्ती से निष्क्रिय कर दिया था, लेकिन अब यह पूरी तरह से काम कर रहा है। अब ये लोग गांवों में ही आतंकियों को हथियार, गोला बारूद और खाना-पीना दे रहे हैं, जो पहले आतंकियों का सामान ढोते थे।

बीते दिनों गिरफ्तार किए गए २५ संदिग्धों ने पूछताछ में इसकी जानकारी दी है। यह नेटवर्क राजौरी, पुंछ, रियासी, ऊधमपुर, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़, जम्मू और रामबन के नौ जिलों में फैला हुआ है।



जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने बताया कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने जम्मू को लक्ष्य बनाना शुरू कर दिया था, आर्टिकल 370 हटने के बाद से। दो साल में उसने नेटवर्क बनाया। 2020 में, इन्हीं की मदद से आतंकियों ने पुंछ और राजौरी में सेना पर बड़े हमले किए। फिर ऊधमपुर, रियासी, डोडा और कठुआ को लक्ष्य किया गया।

2020 में जम्मू से सेना हटाकर लद्दाख में भेजी गई, जिससे आतंकियों को फायदा हुआ।

2020 तक जम्मू क्षेत्र में काफी पुलिस बल तैनात थे। हालाँकि, गलवान घटना के बाद यहां की सेना को हटाकर लद्दाख भेज दिया गया, ताकि चीनी आक्रामकता का मुकाबला किया जा सके। आतंकियों ने भारत के इस कदम को मौके के रूप में देखा और कश्मीर से जम्मू में अपना आधार स्थानांतरित किया।

यहाँ पहले से ही उनका पुराना स्थानीय नेटवर्क चालू होना था। इसी तरह हुआ है। जम्मू में होने वाली आतंकी घटनाएं सांप्रदायिक भी हो सकती हैं। कश्मीर से अधिक सड़क संपर्क और कम जनसंख्या घनत्व है। आतंकियों को यहां मार गिराने में समय लगेगा क्योंकि बड़ा क्षेत्र पहाड़ी है।


जम्मू में घुसे आतंकियों में पाकिस्तान के वर्तमान और पूर्व सैनिक भी शामिल थे।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि रियासी हमले के बाद मारे गए आतंकियों के पास हथियार और सैटेलाइट फोन थे, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि इन आतंकियों में पाकिस्तान सेना के पूर्व या वर्तमान सैनिक भी शामिल हैं। इनका हमला करने का तरीका पाक सेना के पैरा ट्रूपर डिवीजन से मिलता-जुलता है। साथ ही, सैटेलाइट फोन एक से दूसरे को सुरक्षित कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों से इंटेलिजेंस को नहीं मिल रही मदद

पाक से आए आतंकी जम्मू-कश्मीर के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छोटे-छोटे कैंपों में ट्रेनिंग ले रहे हैं, रिपोर्टों के अनुसार। इनके पास आधुनिक हथियारों के अलावा मॉर्डन संचार उपकरण भी हैं। साथ ही, उनके सैटेलाइट फोन दोनों ओर से इनक्रिप्टेड है।

इससे इनपुट लीक की संभावना कम होती है। वहीं, स्थानीय लोगों और अन्य लोगों से आतंकियों के बारे में इंटेलिजेंस को लगभग सब कुछ मिल गया है। इससे सेना आतंकियों को पकड़ नहीं पाती है।


84 दिनों में जम्मू में 10 आतंकी हमले, 12 जवानों की मौत



आतंकियों ने कठुआ में रियासी हमले की कल्पना की और ड्राइवर को सेना का ट्रक गिराने का लक्ष्य दिया।

8 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकियों के हमले में 5 जवान, जिसमें एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) भी शामिल था, शहीद हो गए। पहाड़ी से घात लगाकर आतंकियों ने पहले स्नाइपर गन से फायरिंग की, फिर सेना के ट्रक पर ग्रेनेड फेंका। सेना ने भी गोलीबारी की, लेकिन आतंकवादी जंगल में भाग गए।


कश्मीर में वैष्णोदेवी जाने वाली बस पर आतंकी हमला:2 हमलावर सेना की वर्दी में थे, 25-30 गोली चलाईं, बस खाई में गिरी, 10 मौतें

जम्मू-कश्मीर के रियासी में रविवार शाम सवा 6 बजे आतंकियों ने श्रद्धालुओं को ले जा रही बस पर हमला किया। ड्राइवर और कंडक्टर समेत 10 लोग मर गए, जबकि 41 लोग घायल हो गए। यह हमला दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह से एक घंटे पहले हुआ था।

इस खबर को ओर अधिक पड़ने के लिए क्लिक करे

Share this article

Related Articles