सुदर्शन न्यूज के एडिटर मुकेश कुमार को X (पहले ट्विटर) झूठी खबर ट्वीट करने के आरोप में गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद के धार्मिक जुलूस पर विशेष संप्रदाय द्वारा हमले के बाद नूंह और हरियाणा के आसपास के जिलों में (मुख्यतः मेवात क्षेत्र) छह लोगों की जान लेने वाली सांप्रदायिक हिंसा के दौरान सोशल मीडिया पर उनके कथित भड़काऊ पोस्ट को लेकर सुदर्शन न्यूज के संपादक ‘मुकेश कुमार’ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अब खबर आ रही है कि मुकेश कुमार को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, सुदर्शन न्यूज के रेसीडेंट एडिटर कुमार ने आरोप लगाया कि एक विदेशी मीडिया हाउस (अलजजीरा) गुरुग्राम पुलिस कमिशनर को फोन कर रहा है और सांप्रदायिक दंगों पर हिंदुओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दबाव डाल रहा है।
सुदर्शन न्यूज ने अपने एडिटर मुकेश कुमार की गिरफ्तारी को मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। पहले तो, चैनल ने यह आरोप लगाया गया कि चैनल के स्थानीय संपादक का कुछ गुंडों ने अपहरण कर लिया है। सुदर्शन न्यूज ने एक्स पर लिखा, “सुदर्शन न्यूज़ के रेज़ीडेंट एडिटर मुकेश कुमार का गुरुग्राम से दिन दहाड़े अपहरण हुआ है। वह मेवात में संघर्ष कर रहे हिंदू कार्यकर्ताओं को मदद करने पहुँचे थे। गुरुग्राम के सेक्टर 17 से हट्टे कट्टे गुंडे उनको कार के ड्राइविंग सीट से खींच कर उठा ले गए हैं।”
बाद में, समाचार चैनल ने एक और बयान जारी करते हुए कहा कि एडिटर की गिरफ्तारी के बारे में प्रेस नोट जारी करने में गुरुग्राम पुलिस को सात घंटे लग गए। सुदर्शन न्यूज ने लिखा, ” गुरुग्राम पुलिस ने मुकेश कुमार जी को “राष्ट्रीय एकता को ख़तरा” के लिए गिरफ़्तार करने की जानकारी देनेवाली प्रेस नोट, उनको गुंडों की तरह उठाने के 7 घंटे बाद जारी की हैं। यह गिरफ़्तारी संपूर्णता ग़ैरक़ानूनी और ग़लत है। सुदर्शन मुकेश कुमार जी के साथ है और गिरफ़्तारी को मीडिया के स्वतंत्रता पर आक्रमन मानता है।”
इस बीच, गुरुग्राम पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस नोट में मुकेश कुमार की पोस्ट को भ्रामक और असत्य तथ्यों युक्त बताया। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, साइबर क्राइम, ईस्ट पुलिस स्टेशन में पत्रकार के खिलाफ आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी भी दर्ज कर ली है।
गुरुग्राम पुलिस ने प्रेस नोट में लिखा कि, “दिनांक 08.08.2023 को ट्वीटर हैंडल @mukeshkrd से बेबुनियाद, असत्य व भ्रामक तथ्यों के आधार पर एक ट्वीट किया गया था। गुरुग्राम पुलिस द्वारा इस मामले पर संज्ञान लेते हुए थाना साईबर पूर्व, गुरुग्राम में धारा 66C IT एक्ट व 153B, 469, 501, 505 (1) (C) IPC के तहत अभियोग अंकित किया गया था। इस अभियोग की तफ्तीश थाना सा ईबर पूर्व, गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा की जा रही थी। आज दिनांक 11.08.2023 को भ्रामक व असत्य तथ्यों को ट्वीट करने वाले मुकेश नामक व्यक्ति को थाना साईबर पूर्व, गुरुग्राम की टीम ने उपरोक्त अभियोग में गिरफ्तार किया है। अभियोगका अनुसंधान जारी है।
ऐसा क्या लिखा था मुकेश कुमार ने
सुदर्शन न्यूज के रेसीडेंट एडिटर मुकेश कुमार ने 8 अगस्त को ट्वीट किया था कि “अल जज़ीरा न्यूज़ चैनल गुड़गांव पुलिस कमिश्नर को कॉल कर रहा है और उन पर हिंदुओं के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव डाल रहा है। और कॉल प्राप्त करने के बाद, @DC_Gurugram इतने दबाव में आ जाती है कि वह कहीं से भी हिंदू कार्यकर्ताओं को उठा लेती है,”
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) वरुण दहिया ने शुक्रवार को कहा कि पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया और उसकी मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। “गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लिया और आईटी अधिनियम की धारा 66 सी और आईपीसी की धारा 153 बी (आरोप, राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक दावे), 469 (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जालसाजी), 501 (मुद्रण या उत्कीर्णन का ज्ञात मामला) के तहत मामला दर्ज किया। मानहानिकारक होने के लिए), 505 (1) (सी) (भड़काने के इरादे से बयान) साइबर पुलिस स्टेशन (पूर्व) में, पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, यह कहते हुए कि मामले की जांच की जा रही है।
पहले सुदर्शन न्यूज ने कहा, मुकेश कुमार का हो गया है अपहरण
चैनल ने यह आरोप लगाया गया था कि चैनल के स्थानीय संपादक का कुछ गुंडों ने अपहरण कर लिया है। सुदर्शन न्यूज ने एक्स पर लिखा, “सुदर्शन न्यूज़ के रेज़ीडेंट एडिटर मुकेश कुमार का गुरुग्राम से दिन दहाड़े अपहरण हुआ है। वह मेवात में संघर्ष कर रहे हिंदू कार्यकर्ताओं को मदद करने पहुँचे थे। गुरुग्राम के सेक्टर 17 से हट्टे कट्टे गुंडे उनको कार के ड्राइविंग सीट से खींच कर उठा ले गए हैं।”
बाद में, समाचार चैनल ने एक और बयान जारी करते हुए कहा कि एडिटर की गिरफ्तारी के बारे में प्रेस नोट जारी करने में गुरुग्राम पुलिस को सात घंटे लग गए। सुदर्शन न्यूज ने लिखा, ” गुरुग्राम पुलिस ने मुकेश कुमार जी को “राष्ट्रीय एकता को ख़तरा” के लिए गिरफ़्तार करने की जानकारी देनेवाली प्रेस नोट, उनको गुंडों की तरह उठाने के 7 घंटे बाद जारी की हैं। यह गिरफ़्तारी संपूर्णता ग़ैरक़ानूनी और ग़लत है। सुदर्शन मुकेश कुमार जी के साथ है और गिरफ़्तारी को मीडिया के स्वतंत्रता पर आक्रमन मानता है।”
सुदर्शन न्यूज के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट में मुकेश कुमार की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। चैनल संपादक ने कहा, “पुलिस ने वर्दीधारी मुकेश कुमार को गिरफ्तार क्यों नहीं किया? क्या हरियाणा सरकार एक अधिकारी के अहंकार के आगे झुक रही है? कहां हैं पत्रकारों और मानवाधिकार संगठन?” चव्हाणके के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। उन्होंने गुरुग्राम पुलिस को यहां तक चेतावनी दे दी थी कि अगर उन्होंने मुकेश कुमार को रिहा नहीं किया तो वह शनिवार को एक “बड़ी घोषणा” करेंगे।
इसके बाद मुकेश कुमार को रिहा करने के बाद सुरेश चव्हाणके ने एक और ट्वीट किया, “सत्यमेव जयते ! मुकेश कुमार जी को अभी छोड़ा गया है। सुदर्शन न्यूज़ का साथ देने के लिए सभी का धन्यवाद। षड्यंत्रकारियों का प्रयास शनिवार- रविवार और 15 अगस्त के छुट्टी तक का था।”








