प्रकृति प्रेमियों की उमड़ी भीड़ तीन जिलों से आए धरनार्थी
नाल से रणधीसर तक उजड़े की आबादी – पूर्व सरपंच रतीराम मेघवाल
बीकानेर 11 अगस्त। निकटवर्ती ग्राम खेजड़ला की रोही में पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहा धरना आज 25वें दिन उफान पर रहा । बीकानेर नागौर तथा फलोदी तीन जिलों से आए पर्यावरण प्रेमियों के कारण दिनभर धरने पर रेलम पेल रही। कटे हुए पेड़ों को देखकर लोग आक्रशित नजर आए ।जयमलसर के पूर्व सरपंच रतीराम मेघवाल ने बताया कि बीकानेर शहर के आगे नाल से लेकर ग्राम रणधीसर तक सभी गांवों में सोलर प्लांट लग रहे हैं हजारों बीघा भूमि वृक्षहीन कर दी गई है पेड़ काटने और प्लांट लगाने का काम अनवरत जारी है आज इस क्षेत्र में 2000 से अधिक विभिन्न प्रकार के वाहन मशीनें काम कर रही है और 5000 से अधिक श्रमिक प्रतिदिन प्लांट खड़ा करने के काम में लगे हुए हैं । ग्रामीणों का जीवन दुभर हो गया है सिंचित कृषि भूमि को लगातार वीरान किया जा रहा है।
कानाराम चौधरी ने बताया कि नाल जयमलसर नोखा दैया भानीपुरा बांद्रा वाला और रणधीसर गांव की लगभग 5000 बीघा सिंचित भूमि में से 15000 खेजडिया काट दी गई है उक्त सभी गांवों से किसानों की फसल उपज होना बंद हो गई है। क्षेत्र में तापमान बढ़ गया है। गांव से बाहर खेतों में जाना बंद हो गया है सभी लोग धन के लालच में अपने हरे-भरे खेत सोलर कंपनियों के हवाले कर चुके हैं अब उनके पशु धन का खेतों में प्रवेश भी बंद हो गया है
नेहरर का पानी काम लेने वाले किसान भी भूमिहीन हो चुके हैं ।
किशन सिंह चौहान जयमल सर ने बताया कि कंपनियों के दलालों ने अपनी दलाली के लिए भोले भाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर नहरी पानी से सिंचित भूमि कंपनियों को दिला दी गुपचुप तरीके से किराए के अनुबंध करवा दिए रणधीसर निवासी तेजू सिंह भाटी ने बताया कि दलालों ने गांव के लोगों को आपस में भनक तक नहीं लगने दी और एक-एक व्यक्ति से व्यक्तिगत मिलकर झूठे झांसों में लेकर जमीनों की अंधाधुंध लीज करवा दी ।अब दलाल गायब हो गए हैं तथा कंपनी के श्रमिकों ने पूरे क्षेत्र में सोलर प्लांट का जाल बिछा दिया है ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है खेजड़ी के बड़े-बड़े वृक्ष हजारों की तादाद में धराशाई कर दिए गए हैं अब बिश्नोई समाज के प्रकृति प्रेमी और श्री जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा प्रदेश संस्था के लोगों ने खेजड़ी कटाई का विरोध करते हुए पर्यावरण संघर्ष समिति बनाकर अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया और ग्रामीणों से बातचीत हुई तब लोगों के समझ में आने लगा है कि वे सब ठगे गए हैं ।
जमीन भी गई और भूखे भी मरेगे किसान
किसना राम गोदारा ने बताया कि उनके खेत में 20 वर्षों से नहर का पानी सींचा जा रहा है मूंगफली की फसल भी खेत में मौजूद है इसी प्रकार आसपास के खेतों में नहर का पानी लग रहा है कंपनी के अधीन भूमि में करोड़ों की उपज होने वाली फैसले इस वर्ष नहीं बोई गई है यह उपज का बहुत बड़ा नुकसान और गांव के आसपास लंबा चौड़ा क्षेत्र वीरान नजर आने लगा है । क्षेत्र में तापमान और गर्मी बढ़ने से ग्रामीणों का जीवन संकट से घिर रहा है उन्होंने बिश्नोई समाज का आभार जताया और धरना देने वालों को धन्यवाद दिया कि उन्होंने प्रकृति बचाने के लिए जो संघर्ष शुरू किया है जिससे किसानों का फायदा होगा सरकार से आग्रह है कि वह अति शीघ्र प्रकृति प्रेमी लोगों की बात सुनकर हरे पेड़ों को काटने से बचने का कानून बनाए उक्त संस्था के रासीसर ग्राम अध्यक्ष रमेश गोदारा ने कहा कि आज से 294 वर्ष पहले वृक्ष रक्षार्थ अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 लोगों ने बलिदान देकर खेजड़ी वृक्ष की कटाई पर प्रतिबंध लगवाया था इस प्रकार आज भी प्रकृति प्रेमी बिश्नोई समाज पेड़ों के लिए बलिदान होने को तैयार है मगर हरे भरे पेड़ नहीं काटने दिए जाएंगे ।जेडी मगरा से आए धर्माराम गोदारा ने शहीदों को नमन करते हुए प्रकृति प्रेमियों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे और प्रकृति की रक्षा की आवाज विधानसभा तक पहुंचाएं।
जयपाल गोदारा रासीसर ने अति शीघ्र मुख्यमंत्री से मिलकर पेड़ सुरक्षा का नया कानून बनाने की आवश्यकता जताई। सुभाष खारा रिछपाल फौजी ने भी प्रकृति के नुकसान से संबंधित विस्तृत जानकारी दी । श्री जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रामरतन बिश्नोई ने आज दूसरे दिन भी लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहकर ग्रामीणों से विस्तृत बातचीत की प्रकृति के नुकसान का आकलन किया इस धरने को और उग्र रूप देने की रणनीति बनाई ।
आज सुबह से फलोदी जिले के नगरासर नोखा तहसील के जेडी मगरा रासीसर बीकानेर कोलायत नागौर जिले के श्री बालाजी आदि गांवों से बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी दिनभर धरना स्थल पर पहुंचाते रहे रणधीसर के महंत पवनपुरीजी महाराज ने भी धरनार्थियों को संबोधित किया धरने का नेतृत्व कर रहे राम गोपाल बिश्नोई रिछपाल फौजी सुभाष खारा किशनाराम चौधरी सुनील देहड़ू,पवन खीचड़ राम प्रताप वर्मा सहित अनेक लोग मौजूद रहे दिन भर की रेलमपेल के बीच सोशल मीडिया से जुड़े चैनल के पत्रकार और अन्य समाचार पत्रों के लोग भी मौके पर पहुंचे सभी ने एक स्वर में सरकार से आग्रह किया है कि अति शीघ्रराजस्थान पेड़ सुरक्षा अधिनियम बनाकर पेड़ काटने वाले दोषियों को दंडित किया जावे और राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया जावे । सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनियों को बिना पेड़ काटे प्लांट लगाने के स्थाई आदेश जारी किया जावे।








