Jambhsar Media Digital Desk, New Delhi: मॉनसून पर भारतीय मौसम विभाग- India Meteorological Department ने पहला अनुमान जारी किया है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पर मौसम विभाग का कहना है कि 106 फीसदी बारिश होने की उम्मीद है. लॉन्ग पीरियड एवरेज में 87 फीसदी से 104 फीसदी तक की बारिश को सामान्य कहा जाता है.
महीने के आधार पर बात करें तो इस साल मॉनसून के पहले महीने जून में लगभग 95 फीसदी बारिश होगी. जबकि जुलाई में 105 फीसदी बारिश दर्ज की जाएगी. इसके हालांकि अगस्त में थोड़ा कम 98 फीसदी वर्षा होगी. इसके बाद सबसे अधिक सितंबर महीने में 106 फीसदी तक बारिश होने की उम्मीद है. जानिए अब इस साल मौनसून कैसा रहेगा.
आईएमडी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस साल जून से सितंबर में मॉनसून सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद है. इस साल LPA (एलपीए- लॉन्ग पीरियड एवरेज) के 106 फीसदी बारिश का अनुमान है. भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि ओड़िशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा पूर्व उत्तर राज्यों में भी कम रहने की संभावना है.
ये किसानों के लिए बड़ी राहत हो सकती है. मॉनसून के दूसरे हिस्से में ला-नीनो (La Nina) की स्थिति बन सकती है. आपको बता दें कि लॉन्ग पीरियड एवरेज यह बताता है कि पिछले कुछ सालों में मॉनसून कितना बरसा है या मॉनसून के दौरान कितनी बारिश हुई है. लॉन्ग पीरियड एवरेज के दौरान बारिश से जुड़े आंकड़े होते है.
अच्छे मॉनसून का मतलब? एक्सपर्ट कहते हैं कि इस साल अगर अच्छी बारिश होती है, तो जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ जाएगा. इससे ग्रामीण इलाकों में खेती के लिए आसानी से पानी मिलेगा, और पैदावार बढ़ जाएगी. जिससे किसानों की आमदनी पर पॉजिटिव असर होगा. ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी की उम्मीद लगाई जा सकती है.
पानी के पर्याप्त रहने से जनजीवन और अर्थव्यवस्था पर पॉजिटिव असर होता है. भारत में जलाशयों में कुल क्षमता 253 बीसीएम तक है. भारत में पानी भंडारण क्षमता बारिश और जरूरत के लिहाज से कम है. जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल के मुकाबले घटा है. लेकिन खेतों के साथ ही फैक्ट्री और घरेलू कामकाज के लिए भी पानी जरूरी है.पिछले 20 साल में बड़े बांध बनने की रफ्तार तेजी से घटी है और कई बड़े बांध 50 साल से ज्यादा पुराने हो गए हैं.
भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि इस साल ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा पूर्व उत्तर राज्यों में भी कम रहने की संभावना है.








