महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बोले ऑरनगजेब ओर टीपू सुल्तान की औलादे प्रदेश मे पैदा होने लग गई है में बढ़ने लगा विवाद
यह विवाद लड़कियों के व्हाट्सएप स्टेटस वायरल होने के बाद दो समुदायों में तनाव बढ़ गया और वहां पर पथराव की स्थिति पैदा हो गई पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया और भीड़ को काबू किया पथराव की घटना होने से लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक आपत्तिजनक टिप्पणी की है उन्होंने औरंगजेब का बखान कभी भी हम बर्दाश्त नहीं करेंगे ऐसा कहते हुए कहा कि महाराष्ट्र के अंदर भी कुछ औरंगजेब की औलाद है पैदा हो गई है जो एक बहुत बड़ी चिंता का विषय है जिसको लेकर लोगों के अंदर रोष हैं इस मामले को लेकर कोल्हापुर में हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन भी किया है|
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बोले इस प्रदेश के अंदर शिवाजी महाराज संभाजी महाराज हमारे आराध्य हैं कोल्हापुर हिंसा के बाद फडणवीस उपमुख्यमंत्री महाराष्ट्र सरकार बोले इस घटना को लेकर जनता के अंदर बहुत बड़ा गुस्सा था
कोल्हापूर क्यों है इतना प्रशिद
कोल्हापुर भारत मे दक्षिण भारत के राज्य महाराष्ट्र के अंदर पंचगंगा नदी के तट पर बसा हुआ सिटी है यहा जिले का मुख्याले भी है कोल्हापुर मुंबई के दक्षिण में 372 किलोमीटर और पुणे के दक्षिण में 227 किलोमीटर है बेंगलुरु के उत्तर पश्चिम में 614 किलोमीटर हैदराबाद के पश्चिम में 530 किलोमीटर दूर स्थित है कोल्हापुर लक्ष्मी बाई के नाम से जाना जाता है जिसे अंबाबाई के नाम भी जानते है हिंदू पौराणिक कथाओं में कोल्हापुर का नाम कबीर है भारतीय सुंदर से पहले कोल्हापुर मराठा साम्राज्य के भोंसले छत्रपति के अधीन शासित एक रियासत थी यह मराठी फिल्म उद्योग का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी रहा है कोल्हापुर राज्य की स्थापना ताराबाई ने 1707 में मराठा राज्य प्राधिकार उत्तराधिकार विवाद के कारण की थी मराठा शासन तक ताराबाई के बच्चों द्वारा सिद्धांतों में से एक राजश्री शाहू महाराज कोल्हापुर के साथ हैं
पूर्व में भी इस प्रकार के विवाद महाराष्ट्र के अंदर हुए थे
सम्राट अशोक को बिहार में औरंगजेब से तुलना पर विवाद थमा ही नहीं था कि महाराष्ट्र के मैसूर के अंदर टीपू सुल्तान शासक पर राजनीति तेज हो गई थी क्या बीजेपी का दावा था कि कांग्रेस नेता और मुंबई उपनगरीय मंत्री असलम शेख मलाड के मुस्लिम बहुल क्षेत्र मालवणी में स्थित एक प्ले ग्राउंड का नाम 17वीं सदी के शासक पर रख रहे हैं साथ ही बीजेपी ने चेतावनी भी दी थी अगर मैदान का नाम बदला तो वहां शिवाजी महाराज का बोर्ड लगाया जाएगा ऐसा विवाह भी पूर्व में हुआ है
इसके अलावा मौर्य सम्राट अशोक को लेकर हाल ही में एक विवाद खड़ा हुआ था अशोक और पाटलिपुत्र एक दूसरे के प्रयास किए जाते हैं इसलिए अलग-अलग स्कूल जरूर मौर्य वंश के इस महाराणा राजा की व्याख्या अलग-अलग नजरिए से करते हैं वही दया प्रकाश सिन्हा के नाटक सम्राट अशोक ने नया बखेड़ा शुरू किया कलिंग युद्ध के बाद मोरी धर्म को अपनाने वाले सम्राट अशोक को इस नाटक में बर्बाद सम्राट बताया था सम्राट अशोक को बदसूरत और क्रूर शासक भी बताया था जिसने भाई की हत्या की सत्ता हथियाने के लिए नाटक में मोरी शासक की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से की गई थी इसी को लेकर विवाद हुआ था
टीपू सुल्तान को लेकर महाराष्ट्र के अंदर मुंबई के मलाड उपनगर के मुस्लिम बहुल मलूनी क्षेत्र स्थित प्लेग्राउंड के नामकरण को लेकर भी विवाद हो चुका है असलम सेकने एमएलए फंड से ग्राउंड के जीर्णोद्धार का फैसला किया था काम शुरू होने के बाद बुधवार को ग्राउंड में नहीं सुविधाओं का उद्घाटन किया हालांकि बीजेपी के दावा है कि ये कार्यक्रम ग्राउंड के नामकरण को लेकर रखा गया था बड़ी संख्या में बीजेपी और राइट विंग वर्करों ने इसका विरोध किया था बीजेपी का कहना है कि नामकरण का हम विरोध करें महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस खुलकर विरोध और 20 का कहना है कि टीपू सुल्तान अपने राज्य में हिंदुओं के उत्पीड़न के लिए ऐतिहासिक रूप से जाने जाते हैं बीजेपी कभी भी ऐसे लोगों का सम्मान स्वीकार नहीं करेगी टीपू सुल्तान के नाम पर प्ले ग्राउंड का नाम रखे जाने का फैसला रद्द किया जाना चाहिए इस प्रकार के बाद भी पूर्व हुए हैं
साथ ही शिवसेना सांसद संजय राउत ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी के बहाने बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा राष्ट्रपति कोविंद ने कर्नाटक जाकर टीपू सुल्तान की तारीफ की थी अगर वह अच्छे इंसान नहीं थे तो राष्ट्रपति ने तारीफ क्यों की थी सपना सेना ने भी बताया था उन्होंने क्या बीजेपी राष्ट्रपति जी से भी इस्तीफा मांगे गी यह बीजेपी को स्पष्ट करना चाहिए इस प्रकार का तंज कसा शिवसेना सांसद संजय राउत ने
टीपू सुल्तान कौन थे
चर्चित शासक हैदर अली के पुत्र थे टीपू सुल्तान उनके पिता की मृत्यु के बाद टीपू सुल्तान ने मैसूर की कमान संभाली पिता की तरह योग्य और पराक्रमी शासक थे टीपू सुल्तान वीरता के कारण ही शेर है मशहूर का खिताब अपने पिता से हासिल हुआ था टीपू सुल्तान को हैदर अली ने दक्षिण विस्तार का अभियान चलाया था इस वजह से अंग्रेजों के साथ-साथ निजाम और मराठी भी उनके शत्रु बन गए थे सुल्तान सिर्फ 18 साल की उम्र में अंग्रेजो के खिलाफ पहला युद्ध जीता था अंग्रेजों से संधि के करने को मजबूर हुए दोनों पक्षों में मार्च 1784 में वार्ता हुई बाद में मैसूर की संधि हुई लेकिन 5 साल बाद ही सन्धि तोड़कर अग्रेजों ने निजाम और मराठों को साथ लेकर उन पर हमला कर दिया था
टीपू सुल्तान के जीवन की आखिरी और तीसरी लड़ाई चौथे एंग्लो मैसूर युद्ध के नाम से मशहूर हैं यह मैसूर की राजधानी श्रृंगापटम में हुए इस युद्ध में 4 मई 17 99 को टीपू सुल्तान की मृत्यु हो गई थी मैसूर युद्ध के बाद ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का वहां पर कब्जा हो गया था टीपू सुल्तान के शव को श्री श्रृंगापटम शहर में दफनाया गया सुल्तान की तलवार को अंग्रेज अपने साथ ब्रिटेन ले गए थे जंग में कई बार अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले टीपू सुल्तान को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने विश्व का सबसे बड़ा रॉकेट आविष्कारक अपने भाषण में बताया था|









