अलवर (राजस्थान) 18 मार्च 2026 :- राजस्थान के अलवर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने गोविंदगढ़ क्षेत्र में तहसीलदार स्तर के अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़कर गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, गोविंदगढ़ के तहसीलदार बसंत परसोया पर आरोप है कि उन्होंने जमीन से जुड़े एक मामले में काम करने के बदले परिवादी से रिश्वत की मांग की थी। यह मामला जमीन की फाइल को आगे बढ़ाने, नामांतरण या अन्य राजस्व प्रक्रिया से जुड़ा बताया जा रहा है।
परिवादी ने जब बार-बार पैसे की मांग से परेशान होकर एसीबी से संपर्क किया, तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
एसीबी को मिली शिकायत के बाद अधिकारियों ने पहले पूरे मामले का सत्यापन (Verification) किया। जब यह स्पष्ट हो गया कि रिश्वत की मांग की जा रही है, तब टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।
परिवादी को तय रकम लेकर आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया और पूरी प्रक्रिया पर एसीबी की टीम नजर बनाए रही।
डेढ़ लाख रुपए लेते ही किया गिरफ्तार
जैसे ही तहसीलदार ने परिवादी से 1 लाख 50 हजार रुपए की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। टीम ने आरोपी के पास से पूरी रिश्वत राशि भी बरामद कर ली।
DSP के नेतृत्व में सफल ऑपरेशन
यह पूरी कार्रवाई एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान के नेतृत्व में की गई। उनकी टीम ने बेहद सटीक योजना और सतर्कता के साथ इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिससे आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा जा सका।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी तहसीलदार के सरकारी कार्यालय और अन्य संभावित ठिकानों पर भी जांच कर रही है। इस दौरान दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस तरह के और मामले तो नहीं हैं।
पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
एसीबी अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जैसे—
क्या पहले भी इस तरह रिश्वत ली गई?
क्या इसमें अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं?
जमीन से जुड़े कितने मामलों में अनियमितताएं हुई हैं?
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एसीबी लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई कर रही है।
गिरफ्तार तहसीलदार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। एसीबी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचा जा सके।
अलवर में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए एसीबी पूरी तरह सक्रिय है। आम जनता के लिए यह एक राहत भरी खबर है, वहीं भ्रष्ट अधिकारियों के लिए स्पष्ट चेतावनी भी।








