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CBSE की शिक्षकों को अंतिम चेतावनी कॉपी जांच की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की तो होगी सख्त कार्रवाई...

सीबीएसई समाचार, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026, नकल जाँच नियम, सीबीएसई मूल्यांकनकर्ता, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम, सीबीएसई शिक्षकों की चेतावनी
सीबीएसई समाचार, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026, नकल जाँच नियम, सीबीएसई मूल्यांकनकर्ता, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम, सीबीएसई शिक्षकों की चेतावनी

नई दिल्ली

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगे शिक्षकों को सख्त चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कॉपी जांच से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी, अनुभव, टिप्पणी या तस्वीर सोशल मीडिया या किसी सार्वजनिक मंच पर साझा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई शिक्षक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सोशल मीडिया पोस्ट से फैल रहा भ्रम

सीबीएसई के अनुसार हाल के दिनों में कुछ शिक्षक कॉपी जांच के दौरान के अनुभव, फोटो या टिप्पणियां सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच गलतफहमियां पैदा हो रही हैं और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए बोर्ड ने सभी मूल्यांकनकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहें।

गोपनीयता बनाए रखना जरूरी

बोर्ड ने कहा है कि मूल्यांकन केंद्रों से जुड़ी जानकारी पूरी तरह गोपनीय होती है। किसी भी शिक्षक को सीबीएसई के नाम, लोगो, भवन, मूल्यांकन केंद्र या उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित किसी भी सामग्री की तस्वीर या जानकारी साझा करने की अनुमति नहीं है। बोर्ड से जुड़ी आधिकारिक जानकारी केवल उसकी वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाएगी।

उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई

सीबीएसई ने अपने निर्देशों में कहा है कि यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी भ्रामक या अप्रमाणित जानकारी सोशल मीडिया पर फैलाता है, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में नौकरी पर भी खतरा आ सकता है।

ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से हो रही जांच

वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बड़े स्तर पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के माध्यम से किया जा रहा है। इस प्रणाली में कॉपियों को स्कैन करके डिजिटल रूप से जांचा जाता है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है, लेकिन साथ ही गोपनीयता बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

शिक्षकों ने जताई कुछ चुनौतियां

कुछ शिक्षकों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में लगातार स्क्रीन पर काम करने से होने वाली थकान और काम की गति को लेकर चिंता भी जताई है। हालांकि बोर्ड का कहना है कि इस प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़ी सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही विश्वास करें।

निष्पक्षता बनाए रखना बोर्ड की प्राथमिकता

बोर्ड का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखना जरूरी है। इसी उद्देश्य से यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी से परीक्षा प्रणाली की साख प्रभावित न हो।

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