Jambhsar Media Desk, New Delhi: लहसुन उत्पादक किसानों के लिए नए साल में खुशियों की खबर लेकर आया है। इस बार, लहसुन के दामों में बढ़ोतरी के कारण किसान बहुत खुश हैं। पिछले साल की तुलना में, इस बार लहसुन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। इससे किसानों को बहुत लाभ हो रहा है।
नूरपुरा गांव निवासी किसान ग्यासीराम धाकड़ ने बताया कि एक बीघा लहसुन की फसल में खाद, बीज, हंकाई, जुताई, दवाइयां, 6 से 7 बार सिंचाई, निराई, गुड़ाई, कटाई सहित अन्य कार्यो में करीब 50 हजार रुपए की लागत आ जाती है।
इस बार अधिकांश किसानों के लहसुन की गांठे भी छोटी यानी पर्याप्त मोटाई की नहीं हो पाई है। इस कारण फसलोत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
इसके बाद भी एक बीघा में करीब 20 से 25 क्विंटल लहसुन निकल रहा है। इस बार मंडियों में उचित भाव 10000 से 12000 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है।
एक बीघा लहसुन की फसल करीब एक से डेढ़ लाख रुपए की बैठ रही है। हालांकि इस बार उत्पादन कम निकल रहा है तो उचित भाव मिल रहा है। इस कारण किसानों में हर्ष की लहर है।
लहसुन उत्पादन में हाड़ौती अग्रणी
राजस्थान में लहसुन उत्पादन के मामले में हाड़ौती अग्रणी माना जाता है। इस बार किसानों ने लहसुन का रकबा बढ़ाया था, लेकिन नवम्बर से जनवरी तक लगातार मौसम परिवर्तन के चलते उत्पादन 25 से 30 प्रतिशत घट गया।
ऐसे में उत्पादन कम ओर मांग ज्यादा होने से पिछले साल मार्च माह के मुकाबले इस बार लहसुन के भाव दोगुने चल रहे है। इन दिनों मध्यप्रदेश के जिलों की मंडियों में लहसुन जा रहा है। इससे किसानों को आवक के साथ भाव अच्छा मिल रहा है।
दिनभर रहती है खेतों में चहल, पहल
किसान पीरूलाल चौधरी, रामबिलास पाटीदार, प्रेम पाटीदार, हरिश पाटीदार, बजरंग धाकड़ और बजरंग पाटीदार आदि ने बताया कि लहसुन की फसल को खेत से घर लाने के बाद श्रमिकों से लहसुन की कटाई करवा रहे है।
इससे घरों पर दिन भर खासी चहल पहल बनी रहती है तो कई किसान जगह की तंगी होने के कारण बाड़े या खेत में ही श्रमिकों से लहसुन की कटाई करवा रहे है। इस बार मंडियों में उचित भाव मिलने के कारण किसान भी यथा शीघ्र मंडियों में लहसुन फसल बेच रहे हैं।








