सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। हफ्ते की शुरुआत ही नकारात्मक माहौल में हुई, जहां बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई।
BSE Sensex करीब 1,600 अंकों की तेज गिरावट के साथ 75,900 के आसपास खुला, जबकि Nifty 50 भी लगभग 460 अंक टूटकर 23,500 के करीब पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार पर दबाव साफ नजर आया।
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही?
इस बड़ी गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम मुख्य कारण रहे—
अमेरिका-ईरान वार्ता फेल:
Islamabad में हुई अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता असफल रही, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ गया।कच्चे तेल की कीमतों में उछाल:
तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं, जिससे आयात पर निर्भर देशों (जैसे भारत) पर दबाव बढ़ा।ग्लोबल मार्केट में कमजोरी:
एशियाई और अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
रिस्क से दूरी बना रहे निवेशक:
अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने तेजी से शेयर बेचना शुरू किया, जिससे बाजार में दबाव बढ़ गया।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस: लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में
आज के कारोबार में लगभग हर सेक्टर में गिरावट देखी गई—
बैंकिंग, आईटी, ऑटो, मेटल—सभी सेक्टर दबाव में रहे
केवल फार्मा सेक्टर में हल्की मजबूती नजर आई
अधिकांश बड़े और मिडकैप शेयरों में बिकवाली हावी रही
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार—
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतें आगे भी बाजार की दिशा तय करेंगी
शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है
लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय रणनीति के साथ निवेश करना चाहिए
सोमवार का दिन शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रहा, जहां वैश्विक घटनाओं ने भारतीय बाजार को गहराई से प्रभावित किया। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी, जो बाजार की अगली चाल तय करेंगे।








