देशभर के सर्राफा बाजार और कमोडिटी एक्सचेंज में 19 मार्च को सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। लंबे समय से ऊंचाई पर चल रहे दामों में अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान खींचा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत ₹1.5 लाख प्रति 10 ग्राम के अहम स्तर से नीचे फिसल गई। शाम तक सोना करीब ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता नजर आया। वहीं चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज हुई और इसकी कीमत लगभग ₹2.32 लाख प्रति किलोग्राम तक आ गई, जो दिनभर में करीब ₹14,000 की गिरावट को दर्शाती है।
क्यों गिरा सोना-चांदी?
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व का हालिया फैसला माना जा रहा है। फेड ने ब्याज दरों को 3.5%–3.75% के दायरे में स्थिर रखा है, लेकिन संकेत दिए हैं कि दरों में जल्द कटौती की संभावना कम है। इस “लंबे समय तक ऊंची ब्याज दर” (Higher for Longer) नीति से डॉलर मजबूत हुआ है और बॉन्ड यील्ड बढ़ी है।
जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने जैसे सुरक्षित निवेश की मांग घटती है, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव बनता है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मध्य-पूर्व में तनाव जैसे कारकों ने भी बाजार को प्रभावित किया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना पिछले करीब एक महीने के निचले स्तर के आसपास पहुंच गया है। तेज गिरावट के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में और कमजोरी आई। वहीं चांदी, जो इंडस्ट्रियल मेटल भी है, उस पर भी दबाव बना हुआ है।
टेक्निकल स्तर क्या कहते हैं?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार:
सोने का रेसिस्टेंस करीब ₹1,50,000 पर है
सपोर्ट ₹1,44,000 से ₹1,42,000 के बीच माना जा रहा है
शॉर्ट टर्म में ट्रेंड कमजोर और अस्थिर बना हुआ है
अगर सपोर्ट लेवल टूटता है, तो सोने में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
IBJA रेट्स में क्या स्थिति रही?
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सुबह के सत्र में सोने के दाम थोड़े नरम रहे। 24 कैरेट सोना ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास और 22 कैरेट सोना भी लगभग इसी स्तर पर ट्रेड करता दिखा। चांदी की कीमतें भी दबाव में बनी रहीं।
आगे क्या करें निवेशक?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें कीमतों पर दबाव बनाए रखेंगी
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है
सोना-चांदी में आई यह गिरावट वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी नीतियों का सीधा असर है। आने वाले दिनों में भी कीमतें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल और ब्याज दरों के फैसलों पर निर्भर रहेंगी। ऐसे में निवेशकों को सावधानी और रणनीति के साथ फैसले लेने की जरूरत है।





