Jambhsar Media Desk, New Delhi: अक्सर ये देखा जाता रहा है कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी से पहले उसकी सील के साथ छेड़छाड़ कर दी जाती है जिस वजह से सही वजन और उचित क्वालिटी की गैस नहीं मिल पाती है. इसको लेकर सरकार ने एक नया सिस्टम लांच करने की तैयारी में है जिससे इसमे रोक लगा सके.
एलपीजी सिलेंडर (LPG cylinder) का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है. भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपने ग्राहकों के लिए नई सुविधा की शुरुआत की है. जिसका नाम ‘प्योर फॉर श्योर’ (Pure For Sure service) रखा है. इस सुविधा को शुरू करने का उद्देश्य ग्राहकों को राहत देना है. जिसके बारे में कंपनी की ओर से कहा गया कि ग्राहकों के दरवाजे पर बीपीसीएल एलपीजी सिलेंडर की मात्रा और गुणवत्ता का भरोसा देने के लिए तैयार है.
सिलेंडर की सुरक्षा की गारंटी
देश में ऐसी यह पहली सर्विस है. जिसमें ग्राहकों को क्यूआर कोड वाले सिलेंडर की डिलीवरी दी जाएगी. सिलेंडरों पर लगी सील से कोई भी छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा. इसी सील पर क्यूआर कोड होगा. ग्राहकों को गारंटी दी जाएगी कि प्रोडक्शन प्लांट से लेकर ग्राहकों तक सुरक्षित सिलेंडर पहुंचाया जाएगा.
महिलाओं को जोड़ेगी कंपनी
कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर के लिए यह एआई तकनीक के आधार पर होगा. जिससे सिलेंडरों की डिलीवरी क्षमता बढ़ेगी. कंपनी डिलीवरी वुमन को भी अपने इकोसिस्टम में शामिल करने का प्लान बना रही है. जिसके लिए कंपनी का कहना है कि महिलाएं इस उत्पाद को ज्यादा बेहतर समझती है. इसलिए इससे उन्हें जोड़ा जाएगा.
कैसे मिलेगा लाभ ?
जैसे ही ग्राहक क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे वैसे ही एक सिग्नेचर ट्यून के साथ ही प्योर फॉर श्योर लिखा हुआ एक पॉप अप दिखाई देगा. जिसमें सिलेंडर से जुड़ी सारी जानकारी मौजूद होगी. जिसमें सिलेंडर को भरते समय सिलेंडर का वजन कितना था, उस पर सील या मार्क थी कि नहीं.
इसके आधार पर ग्राहकों को डिलीवरी स्वीकार करना है या नहीं ये सुनिश्चित करने का अधिकार मिलेगा. कोई एलपीजी सिलेंडर पर लगी सील के साथ छेड़छाड़ करते हैं तो क्योआर कोड स्कैन नहीं हो पाएगा. जिसके कारण डिलीवरी रुक सकती है.
इन मुद्दों का होगा समाधान
नई सेवा के बारे में बीसीसीएल के अधिकारी का कहना है कि कई पुराने मुद्दे का हल मिल जाएगा. जिसमें सिलेंडरों की रिफिल के लिए समय चयन करना, डिलीवरी के समय ग्राहकों का उपस्थित रहना, रास्ते में चोरी जैसे कई मुद्दों को लेकर समस्याएं सामने आती थी. जिनका अब समाधान मिलेगा.








