Jambh Sar Media Desk,New Delhi: RBI देश की विभिन्न बैंको की आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखती है. कौनसी बैंक घाटे में चल रही है या कौनसी बैंक फायदे में चल रही है इन सब बातों का रिकॉर्ड आरबीआई के पास रहता है। इसी बीच एक और बैंक पर RBI का चाबुक चला है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक और बैंक के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। आरबीआई ने नियमों के उल्लंघन के चलते बैंक का लाइसेंस कैंसिल (Bank Licence Cancelled) कर दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह फैसला लेते हुए बताया कि बैंक की फाइनेंशियल स्थिति अच्छी नहीं है।
यह बैंक खाताधारकों को पूरा पैसा वापस करने की स्थिति में नहीं है। यह कार्रवाई महाराष्ट्र के जय प्रकाश नारायण नगरी सहकारी बैंक बसमथनगर पर की गई है। बैंक का लाइसेंस 6 फरवरी, 2024 से ही खत्म कर दिया गया है।
5 लाख रुपये तक वापस मिल जाएंगे
आरबीआई (RBI) ने महाराष्ट्र के कमिश्नर फॉर कोऑपरेशन एंड रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज को निर्देश दिया है कि बैंक (Jai Prakash Narayan Nagari Sahakari Bank Basmathnagar) को बंद करके एक लिक्विडेटर नियुक्त कर दिया जाए।
इतना पैसा मिलेगा वापिस
लिक्विडेशन प्रोसेस खत्म होने के बाद सहकारी बैंक के खाताधारकों को डिपॉजिट इंश्योरेंस क्लेम के जरिए भुगतान किया जाएगा। इसके तहत लोगों को 5 लाख रुपये तक का डिपॉजिट वापस मिल जाएगा। यह भुगतान डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) की तरफ से किया जाएगा।
इतने लोगों को मिल जाएगा पूरा पैसा
रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि बैंक के रिकॉर्ड के मुताबिक, लगभग 99.78 फीसदी अकाउंट होल्डर्स को पूरा पैसा वापस मिल जाएगा। केंद्रीय बैंक ने बताया कि जय प्रकाश नारायण नगरी सहकारी बैंक (Jai Prakash Narayan Nagari Cooperative Bank) के पास परिचालन के लिए रकम नहीं है। साथ ही इसकी कमाई का कोई रास्ता नजर नहीं आता।
इसलिए यह लोगों का पैसा वापस करने के हालत में नहीं है। यदि बैंक को आगे भी काम करने दिया गया तो जनता को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए इसकी बैंकिंग सेवाएं बंद करने का फैसला लिया गया।
बैंकिंग गतिविधियों के संचालन पर रोक
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि बैंक की स्थिति को देखते हुए इसे मंगलवार, 6 फरवरी 2024 से ही बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे लोगों के हित सुरक्षित रखे जा सकेंगे। इस आदेश के बाद अब सहकारी बैंक (Cooperative bank) की बैंकिंग सेवाएं तत्काल प्रभाव से बंद हो गई हैं। बैंक न तो डिपॉजिट स्वीकार करेगा न ही किसी अन्य तरह का भुगतान करेगा।








