Jeera Ke Bhav: भारत में मसालों की महक हर घर तक पहुँचती है, और इनमें से जीरा एक ऐसा मसाला है जो रसोई से लेकर दवाइयों तक में उपयोगी होता है. विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जीरे की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. इन दिनों जीरे के भाव में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है, और व्यापारियों का मानना है कि अगले महीने के अंत तक जीरे के दाम ₹5,000 प्रति क्विंटल तक बढ़ सकते हैं.
आज के जीरा के भाव
जीरा, जिसे सामान्यतः “जीरियम” के नाम से जाना जाता है, का बाजार में आजकल भाव ₹21,228 प्रति क्विंटल चल रहा है. यह कीमत अभी के बाजार स्थितियों को देखकर उच्चतम स्तर पर है. हालांकि, इस समय कुछ व्यापारी और कृषि विशेषज्ञ जीरे के दाम में आगामी समय में और बढ़ोतरी की उम्मीद जता रहे हैं. उनका कहना है कि आने वाले समय में जीरे के भाव में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है.
व्यापारियों को जीरे के भाव में बढ़ोतरी की आस
राजस्थान के प्रमुख जीरा व्यापारी अनुज जैन ने बताया कि आगामी महीने के आखिरी सप्ताह तक जीरे के दाम में करीब ₹5,000 प्रति क्विंटल का इज़ाफ़ा हो सकता है. उनका मानना है कि इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण जीरे की आपूर्ति में कमी और बढ़ती मांग है.
अनेकों व्यापारियों के मुताबिक, खासकर राजस्थान और गुजरात में जीरे की फसल में अनुकूल मौसम की कमी और कुछ स्थानों पर बेमौसम बारिश के कारण उत्पादन में कमी हो सकती है, जिससे आपूर्ति में गिरावट आएगी. यही कारण है कि जीरे के दाम बढ़ने की संभावना है.
जीरे की आवक में आई कमी- सूत्र
मंडी से जुड़े सूत्रों की मानें तो वर्तमान में जीरे की आवक में कमी आई है. पिछले कुछ समय से बारिश के चलते कई स्थानों पर जीरे की फसल को नुकसान हुआ है. साथ ही, निर्यातक देशों से जीरे की मांग में इज़ाफ़ा हुआ है, जिससे कीमतों में और वृद्धि का अंदेशा है.
राजस्थान के जोधपुर, जयपुर और बाड़मेर जैसे प्रमुख जीरा उत्पादक जिलों में व्यापारी वर्तमान दामों से ज्यादा पैसे मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. जोधपुर मंडी के व्यापारी रमेश कुमार का कहना है, “अगले महीने तक जीरे के दाम ₹5,000 तक बढ़ सकते हैं, क्योंकि मांग की स्थिति अच्छी है और उत्पादन में थोड़ी कमी देखी जा रही है.”
लगातार बढ़ रही भारतीय जीरे की डिमांड
वैश्विक स्तर पर मसालों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है. खासकर यूरोपीय देशों और अमेरिका जैसे बाजारों में भारतीय मसालों की खपत बढ़ी है. जीरा इन देशों में भारतीय खाने के प्रमुख मसाले के रूप में प्रयोग होता है, जिससे निर्यातकों को फायदा हो रहा है.
इसके साथ ही, घरेलू स्तर पर भी जीरे का उपयोग बढ़ा है. भारतीय खाने में जीरा ना सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि उसकी औषधीय गुण भी हैं. आयुर्वेद में जीरा को पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व माना जाता है. इस कारण से घरेलू मांग में भी बढ़ोतरी हुई है.
अब बात करें आपूर्ति की, तो इसके उत्पादन में उतार-चढ़ाव की वजह से आपूर्ति कभी कम और कभी ज्यादा हो जाती है. इस समय कुछ स्थानों पर जीरे की फसल को नुकसान हुआ है, और अगर मौसम ठीक नहीं रहा, तो आने वाले दिनों में आपूर्ति और कम हो सकती है.
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