शुक्रवार शाम कस्बे और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। देर दोपहर के बाद आसमान में घने बादल छा गए, बिजली चमकने लगी और तेज हवाओं के साथ जोरदार गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। कुछ ही देर में तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो भले ही कम समय तक चली, लेकिन भारी नुकसान छोड़ गई।
किसानों की मेहनत पर पानी
इस समय क्षेत्र में गेहूं, जौ, चना और सरसों की कटाई अपने अंतिम चरण में है। कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही ढेर लगाकर रखा था या थ्रेसिंग के बाद बोरियों में भरकर खलिहानों में रखा था। अचानक आई बारिश के कारण इन फसलों के भीगने से किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ।
किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित करने का मौका तक नहीं मिला। कई किसान आनन-फानन में पन्नी और त्रिपाल से फसल ढकने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन तेज हवा और बारिश के चलते काफी अनाज और पशुओं का चारा भीग गया।
खेतों से लेकर सड़कों तक असर
बारिश के दौरान पानी सड़कों और कच्चे रास्तों पर बहने लगा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई और आवाजाही प्रभावित हुई।
अंधड़ से बिजली व्यवस्था ठप
तेज अंधड़ ने सिर्फ फसलों को ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचाया। कई गांवों में बिजली के पोल जड़ से उखड़ गए और पेड़ बिजली लाइनों पर गिरने से तार टूट गए। इससे पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद हो गई।
ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। कई जगहों पर रास्तों में गिरे पेड़ों के कारण आवागमन भी बाधित हो गया। स्थानीय लोग खुद ही पेड़ों को हटाने में जुटे रहे, ताकि बिजली विभाग की टीमें मौके तक पहुंच सकें।
पेड़ गिरे, रास्ते बंद
तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं। इससे गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर यातायात प्रभावित हुआ। ग्रामीणों ने मिलकर रास्ता साफ करने की कोशिश की।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी और जल्द से जल्द टूटे पोल बदलकर बिजली बहाल करने की मांग की। लोगों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बहाल होने तक दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित रहेगा।
नुकसान का आंकलन बाकी
हालांकि बारिश थोड़े समय के लिए हुई, लेकिन इसके प्रभाव गंभीर हैं। फसल खराब होने से किसानों को आर्थिक झटका लगा है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जाना अभी बाकी है।
कटाई के समय आई इस बेमौसम बारिश और अंधड़ ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। साथ ही बिजली और यातायात व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है। अब सभी की नजर प्रशासन की राहत और सहायता पर टिकी है।








