Jambhsar Media Digital Desk: आज के समय हर किसी के पास एटीएम कार्ड होता है। इसका उपयोग पैसे निकालने के लिए किया जाता है। इससे आप बैलेंस भी चेक कर सकते हैं। इसके साथ में इससे आप पैसे भी ट्रांसफर कर सकते हैं। सभी बैंक अपनी-अपनी एटीएम सुविधा देते हैं।
आप किसी भी एटीएम मशीन से पैसे निकाल सकते हैं। फिर चाहें आप उस बैंक के धारक हैं या फिर नहीं। लेकिन क्या आपको पता हैं कि आपको पैसे निकालने के लिए एटीएम चार्ज देना होता है। इसके लिए काफी बार ग्राहक ही जिम्मेदार होते हैं। यदि आप लापरवाही न करें तो आप एटीएम चार्ज खुद को बचा सकते हैं।
अपने फ्री ट्रांजैक्शन को निकासी के लिए बचाकर रखें
आप अपने मुफ्त ट्रांजैक्शन को एटीएम निकासी के लिए बचाएं। खाते का स्टेटमेंट या फिर पैसा ट्रांसफर जैसी चीजों के लिए आप अपने बैंक की नेट बैंकिंग की सुविधा का उपयोग करें।
भागीदार एटीएम का करें उपयोग
वहीं कभी-कभी आपका बैंक दूसरे बैंकों के साथ में साझेदारी कर सकता है। यदि ऐसा है, तो आप भागीदार बैंक के एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं।
ऑनलाइन बिलों का करें पेमेंट
आप अपने बिलों का पेमेंट करने के लिए पैसे निकालने के बजाय आप ऑनलाइन तरीके का उपयोग कर सकते हैं। इससे आप अपने फ्री ट्रांजैक्शन को दूसरे कामों के लिए बचाकर रखें।
लिमिट के बाद लगता है चार्ज
बैंक बाजार के अनुसार, एटीएम से नकद निकासी की लिमिट खत्म होने के बाद आपको हर एक लेन-देन के लिए 21 रुपये का पेमेंट करना होता है। RMI के अनुसार, लेन-देन शुल्क में इजाफाे का उद्देश्य बुनियादी लागत और इंटरचेंज शुल्क इजाफे की भरपाई करना है। इसका वहन फाइनेंशियल संस्थानों को करना होता है। बैंक आम तौर पर एक महीने में 5 फ्री एटीएम लेन-देन प्रदान करते हैं।








