Jambhsar Media Digital Desk: आजकल महंगाई अपनी चरम सीमा पर इतना बढ़ गया है कि आम लोगों को अपनी सैलरी से बचत करना मुश्किल होता जा रहा है। पैसे की जरूरत के लिए लोग तरह-तरह के बैंक में जाकर लोन ले लेते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है की लोन लेने वाले कंपनी के जाल में फसते चले जाते हैं। .
चला दिया जाता है कि लोन लेते टाइम सारे टर्म और कंडीशन को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए। अब आरबीआई (RBI) के तरफ से इसे लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।
आपको बता दे की आरबीआई की तरफ से 29 अप्रैल को लोन ब्याज दर पर एक हम निर्णय लिया गया। निजी संस्थान (NBFC) से लेकर बैंक आपसे इतनी सारी शर्तों पर साइन करवा लेता है
आपको लोन से बोझ से निकलना सबसे ज्यादा मुश्किल का काम लगता है। अब आरबीआई के तरफ से नियम को जारी किए गए हैं जिसके बाद बैंक वाले आपसे कर्ज पर फर्जी ब्याज नहीं ले पाएंगे।
आपको बता दे की बैंक और NBFC का जिस दिन चेक बनता था और एग्रीमेंट साइन होता था। उसे दिन से पैसे वसूली शुरू हो जाते थे। लेकिन अब आपको लोन Disbursement के दिन से ही ब्याज देना होगा। उदाहरण के तौर पर आप समझे कि अगर आपका चेक 10 तारीख को बन गया है
लेकिन प्रक्रिया महीने के आखिरी में यानी 30 तारीख को हुआ है तो पहले बैंक 20 दिन का ब्याज ले रहे थे। लेकिन अब आरबीआई के द्वारा साफ़-साफ़ कह दिया गया है कि ऐसा नहीं होगा बल्कि जिस दिन चेक बनेगा और जिस दिन कर्ज लेने वाले के पास पैसे जाएंगे तब से ही मी डाउन कर दिया जाएगा।
लोन लेने पर एडवांस EMI का गणित समझिए
कई बार बैंक के और निजी संस्थान लोन लेने वाले लोगों से एक EMI एडवांस में ले लेते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया को यानी आरबीआई को इसी से कोई परेशानी नहीं है लेकिन इस EMI पर टोटल लोन के हिसाब से इंटरेस्ट लिया जाता है जो की बिल्कुल सही नहीं है। इसका मतलब साफ है कि अगर बैंक ने आपसे एडवांस में EMI ले लिया है तो वह पैसा लोन से काम किया जाना चाहिए।








