बीकानेर सहित पूरे राजस्थान में 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत हो गई है। इस बार शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों पर पड़ेगा। खासतौर पर गर्मी की छुट्टियों, परीक्षा शेड्यूल और सत्र संचालन में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
गर्मी की छुट्टियों में बड़ा बदलाव
इस बार सबसे बड़ा बदलाव गर्मी की छुट्टियों को लेकर किया गया है। पहले जहां लंबे समय तक स्कूल बंद रहते थे, वहीं अब छुट्टियों की अवधि और समय में संशोधन किया गया है। इसका उद्देश्य पढ़ाई के नुकसान को कम करना और पूरे सत्र को संतुलित तरीके से संचालित करना है।
नवंबर में सिर्फ 14 दिन खुलेंगे स्कूल
नए कैलेंडर के अनुसार नवंबर माह में स्कूल बहुत कम दिन संचालित होंगे। त्योहारों और अन्य निर्धारित अवकाशों के कारण इस महीने में केवल करीब 14 दिन ही कक्षाएं लगेंगी। इससे विद्यार्थियों को लगातार ब्रेक मिलेगा, लेकिन पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखना एक चुनौती हो सकता है।
परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव
शिक्षा विभाग ने परीक्षा प्रणाली में भी कुछ संशोधन किए हैं—
समय-समय पर आंतरिक मूल्यांकन पर ज्यादा जोर
वार्षिक परीक्षा के साथ निरंतर मूल्यांकन को प्राथमिकता
छात्रों की प्रगति पर नियमित निगरानी
इससे छात्रों की पढ़ाई का आकलन पूरे साल किया जाएगा, न कि केवल साल के अंत में।
सत्र संचालन में नए नियम
नए सत्र में स्कूल संचालन को लेकर भी कुछ दिशा-निर्देश तय किए गए हैं—
तय समय पर सत्र की शुरुआत और समाप्ति
छुट्टियों का संतुलित वितरण
पढ़ाई के साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा
क्या है बदलावों का उद्देश्य?
इन सभी बदलावों का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना, छात्रों की पढ़ाई को नियमित बनाना और अनावश्यक लंबे ब्रेक से बचाना है। शिक्षा विभाग चाहता है कि छात्र पूरे साल एक संतुलित शैक्षणिक माहौल में पढ़ाई करें।
नए शैक्षणिक कैलेंडर में किए गए बदलाव छात्रों के लिए जहां नई चुनौतियां लेकर आएंगे, वहीं बेहतर योजना और निरंतर पढ़ाई से उन्हें फायदा भी होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये बदलाव जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।








