Jambhsar Media Webdesk, New Delhi: भारतीय रेलवे ट्रेनों की स्पीड बढाने की तैयारी में है. रेलवे ने दिल्ली-मुंबई समेत कई मुख्य रेल मार्गों पर ट्रेनों की स्पीड बढाने को लेकर काम चल रहा है. कई ट्रंक रूट्स पर चरणबद्ध तरीके से ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए योजना बनाई है। रेलवे की प्लानिंग इस रूट पर ट्रेनों को 110 से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाने की है।
प्रथम चरण में रेवाड़ी-पालनपुर रूट की सेंक्शन (स्वीकृत) स्पीड को 110 से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे कर दिया गया है। जिसके बाद ट्रायल के तौर पर अजमेर-दिल्ली कैंट वंदेभारत, अजमेर नई दिल्ली शताब्दी, उदयपुर-न्यूजलपाईगुड़ी सहित 9 ट्रेनों का संचालन 130 किमी प्रति घंटे किया जा चुका है।
ऐसे में अब इस रूट की 38 ट्रेनों की भी स्पीड बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। ट्रेन ऑपरेशन एक्सपर्ट डीपी मिश्रा और आशीष पुरोहित बताते हैं कि इसके साथ ही अहमदाबाद-मुंबई और मुंबई-दिल्ली वाया सवाईमाधोपुर सेक्शन में तो ट्रेनों की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।
सफर में 30 मिनट तक की बचत होगी
पुरोहित बताते हैं कि 38 नई ट्रेनों को 130 किमी प्रति घंटे से दौड़ाने की मंजूरी मिली है। इसके लिए प्रिंसिपल सीओएम प्रणय प्रभाकर ने जयपुर सीनियर डीओएम विजय सिंह मीना सहित चारों मंडलों में सेक्शन पर विशेष निगरानी के लिए कहा है।
बरेली-भुज आलाहजरत एक्सप्रेस, मुजफ्फरपुर-साबरमती, अहमदाबाद-गोरखपुर, अहमदाबाद-लखनऊ, प्रयागराज-बीकानेर सुपरफास्ट दोनों तरफ से रेवाड़ी-पालनपुर, बांदीकुई-पालनपुर, बांदीकुई-अजमेर, बांदीकुई-फुलेरा, जयपुर-अजमेर, अलवर-जयपुर के बीच 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेगी।
टाइम टेबल में दिखी गड़बड़ी
अभी पालनपुर-रेवाड़ी सहित देश के अन्य कुछ रूट्स पर ट्रेनों की स्पीड 110 से बढ़ाकर 130 केएमपीएच कर दी गई है, लेकिन अभी इन्हें ट्रायल के नाम से ही चलाया जा रहा है। इसकी बड़ी वजह ये है कि ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने का काम टाइम टेबल बन जाने के बाद किया गया है।
ऐसे में ट्रेन दो स्टेशनों के बीच तो निर्धारित/तय शेड्यूल से करीब 7 से 10 मिनट पहले पहुंच रही हैं, लेकिन टाइम टेबल पुराना होने की वजह से पूर्व निर्धारित डिपार्चर शेड्यूल से ही रवाना हो रही हैं। ऐसे में सभी स्टेशनों के वर्किंग टाइम टेबल को रिवाइज करने की जरूरत है।








