जोधपुर।
राजस्थान के जोधपुर जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो यह साबित करती है कि सीमित संसाधन और पारिवारिक परिस्थितियां भी मजबूत हौसलों को नहीं रोक सकतीं। साधारण परिवार से आने वाली आशा चौधरी ने कक्षा 12वीं कला संकाय में 93.20 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया।
पिता की आंखों में खुशी के आंसू, बोले—मैं अनपढ़ हूं, बेटी ने नाम रोशन किया
आशा की सफलता ने उनके परिवार में भावुक माहौल बना दिया। उनके पिता प्रेमाराम चौधरी, जो खुद पढ़े-लिखे नहीं हैं, बेटी का रिजल्ट देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी बाबू देवी भले ही शिक्षित नहीं हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का संकल्प लिया।
उन्होंने बताया कि बेटी को कभी घरेलू जिम्मेदारियों में नहीं उलझाया, ताकि वह पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दे सके। आज उसी मेहनत का परिणाम सामने है।
अनुशासन और नियमित पढ़ाई बनी सफलता की कुंजी
जोधपुर के बासनी तंबोलिया माता का थान क्षेत्र की रहने वाली आशा अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अनुशासित दिनचर्या और लगातार अभ्यास को दिया।
आशा रोज सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थीं और दिनभर स्कूल में पढ़ाए गए विषयों को दोहराती थीं। उनका मानना है कि समय-समय पर रिवीजन और कठिन विषयों को तुरंत समझ लेना ही अच्छे परिणाम का आधार होता है।
शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का त्याग बना सहारा
आशा ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि स्कूल के शिक्षकों ने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया, जिससे उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया।
साथ ही, वह समय पर सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत को भी अपनी सफलता का अहम कारण मानती हैं।
अब प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना
आशा का लक्ष्य यहीं खत्म नहीं होता। वह आगे पढ़ाई जारी रखते हुए प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। उनका कहना है कि मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मथानिया स्कूल का 100% रिजल्ट, छात्राओं ने किया शानदार प्रदर्शन
वहीं, मथानिया स्थित यशोदा देवी राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय ने भी इस वर्ष शानदार परिणाम दिया है। सत्र 2025-26 में कक्षा 12 कला संकाय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जहां सभी 72 छात्राओं ने सफलता हासिल की।
पवित्रा परिहार ने 95.80% अंक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया
तनुश्री सांखी 95.00% के साथ दूसरे स्थान पर रहीं
पूजा ने 94.20% अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया
इसके अलावा कई छात्राओं ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। कुल 66 छात्राएं प्रथम श्रेणी में और 6 छात्राएं द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुईं।
प्रेरणा बन रही हैं आशा जैसी बेटियां
आशा चौधरी की सफलता उन सभी विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत संदेश है, जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मानते हैं। यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो हर मुश्किल रास्ता आसान बन जाता है।








