बाड़मेर (राजस्थान) 20 मार्च 2026 :- राजस्थान के बाड़मेर जिले में अचानक हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक सुनहरी फसल लहलहा रही थी, अब वही खेत पानी और कीचड़ में तब्दील हो गए हैं। कटाई के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी फसलें बारिश और तेज हवाओं के कारण गिरकर खराब हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
खेतों में बिछी फसल, किसानों की टूटी उम्मीदें
इलाके के किसानों का कहना है कि इस बार उन्होंने गेहूं, सरसों और जीरे की अच्छी पैदावार की उम्मीद की थी। मौसम भी लंबे समय तक अनुकूल रहा, जिससे फसल अच्छी तैयार हुई। लेकिन जैसे ही कटाई का समय आया, अचानक बदले मौसम ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
तेज बारिश और हवा के कारण खड़ी फसल जमीन पर गिर गई, जिससे दाने खराब होने लगे हैं और उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है।

आर्थिक संकट गहराया
कई किसानों ने फसल तैयार करने के लिए उधार लेकर बीज, खाद और सिंचाई पर खर्च किया था। अब फसल खराब होने से उन्हें कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है। स्थानीय स्तर पर किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही सरकार की ओर से राहत नहीं मिली तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन
जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में गिरदावरी (फसल नुकसान का सर्वे) शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर मुआवजा तय किया जाएगा। हालांकि किसानों का आरोप है कि कई बार सर्वे में सही नुकसान दर्ज नहीं किया जाता, जिससे उन्हें पूरा मुआवजा नहीं मिल पाता।
मौसम विभाग ने दी थी चेतावनी
मौसम विभाग की ओर से कुछ दिन पहले पश्चिमी राजस्थान में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई थी, लेकिन किसानों को इतनी ज्यादा तबाही की उम्मीद नहीं थी। अचानक हुई इस बारिश ने तैयार फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।
किसानों की मांग
प्रभावित किसानों ने सरकार से मांग की है कि
जल्द से जल्द विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए
फसल बीमा योजना के तहत तुरंत क्लेम दिया जाए
कर्ज में राहत और ब्याज माफी की जाए
बाड़मेर में बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। साल भर की मेहनत कुछ घंटों की बारिश में बर्बाद हो गई। अब किसानों की नजर सरकार और प्रशासन पर टिकी है कि उन्हें इस संकट से उबारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।








