वैश्विक तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच पिछले कुछ समय से सोना और चांदी के दामों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अब बाजार में थोड़ी स्थिरता लौटती नजर आ रही है। जोधपुर सर्राफा बाजार में हाल ही में सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम करीब 700 रुपये और चांदी में प्रति किलो लगभग 5000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
फिलहाल बाजार में सोना लगभग 1.50 लाख से 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच और चांदी 2.30 लाख से 2.50 लाख रुपये प्रति किलो के दायरे में कारोबार कर रही है।
वैश्विक तनाव का सीधा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव—खासकर अमेरिका-ईरान टकराव, इजराइल-हिजबुल्ला संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े हालात—कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। भले ही कुछ जगहों पर युद्धविराम की घोषणाएं हुई हैं, लेकिन अनिश्चितता अब भी बनी हुई है, जिससे निवेशक सतर्क हैं।
क्यों आ रही है तेजी और गिरावट?
सोना और चांदी को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है। जब भी वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ता है, निवेशक इन धातुओं की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है। वहीं, जब हालात थोड़े सामान्य होते हैं या मुनाफावसूली होती है, तो कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।
2026 में कीमतों का उतार-चढ़ाव
इस साल के शुरुआती महीनों में सोना-चांदी के दामों में काफी बदलाव देखा गया—
जनवरी: सोना ~1,46,500 | चांदी ~3,30,000
फरवरी: सोना ~1,60,800 | चांदी ~2,80,000
मार्च: सोना ~1,36,500 | चांदी ~2,06,500
अप्रैल: सोना ~1,55,700 | चांदी ~2,48,900
इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
आखातीज और शादी सीजन बढ़ाएंगे मांग
आने वाले दिनों में आखातीज (अक्षय तृतीया) और शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए सोना-चांदी की मांग बढ़ने की संभावना है। पारंपरिक रूप से इस समय लोग आभूषण और निवेश के रूप में खरीदारी करते हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बन सकता है।
एक्सपर्ट की राय: क्या अभी खरीदना सही है?
विशेषज्ञों के अनुसार—
फिलहाल बड़े स्तर की गिरावट की संभावना कम है
कीमतों में हल्की तेजी-मंदी जारी रह सकती है
लंबी अवधि के निवेश के लिए सोना-चांदी अब भी सुरक्षित विकल्प हैं
जरूरत के हिसाब से चरणबद्ध (gradual) निवेश करना बेहतर रहेगा
निवेशकों के लिए सलाह
एक साथ बड़ी खरीदारी करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करें
शादी या जरूरत के अनुसार खरीदारी टालने के बजाय समय पर करें
बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए लॉन्ग टर्म प्लान बनाएं
वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी के दाम फिलहाल स्थिर जरूर हुए हैं, लेकिन अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है। ऐसे में निवेशकों और ग्राहकों के लिए समझदारी इसी में है कि वे जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर और जरूरत के अनुसार खरीदारी करें। आने वाले त्योहार और शादी सीजन बाजार में फिर से हलचल बढ़ा सकते हैं।








