बांग्लादेश में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। यह घटना राजबाड़ी जिला के दाउलतदिया घाट पर हुई, जहां यात्रियों से भरी एक बस फेरी (बड़ी नाव) पर चढ़ते समय अचानक संतुलन खो बैठी और सीधे पद्मा नदी में जा गिरी।
हादसे के समय बस में करीब 40 यात्री सवार थे। इनमें से अधिकांश लोग ईद की छुट्टियां बिताकर वापस ढाका लौट रहे थे। अचानक हुए इस हादसे में अब तक 26 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्री घायल हुए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस को दाउलतदिया घाट पर फेरी में चढ़ाया जा रहा था। इसी दौरान बस का संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर सीधे नदी में गिर गई। घटना इतनी तेजी से हुई कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
कुछ लोग बस के अंदर ही फंस गए, जबकि कुछ यात्री खिड़कियों और दरवाजों से निकलकर किसी तरह तैरकर बाहर आने में सफल रहे।
रेस्क्यू ऑपरेशन और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, गोताखोरों और राहत टीमों ने बचाव अभियान शुरू किया। अब तक 6 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है।

रेस्क्यू टीमों ने घंटों तक नदी में तलाशी अभियान चलाकर शवों को बाहर निकाला। हालांकि, नदी की तेज धारा और गहराई के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
प्रशासन का कहना है कि कुछ यात्री अभी भी लापता हैं, ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय अधिकारियों ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है।
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा करने के संकेत भी दिए हैं।

ईद के बाद लौटते लोगों पर टूटा कहर
यह हादसा इसलिए और भी दर्दनाक है क्योंकि अधिकांश यात्री अपने परिवार के साथ ईद मनाकर लौट रहे थे। खुशियों का यह सफर अचानक मातम में बदल गया और कई परिवारों ने अपने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया।
राजबाड़ी का यह बस हादसा एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। फेरी पर वाहनों को चढ़ाते समय यदि सावधानी बरती जाती, तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी टाली जा सकती थी।
यह घटना न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है कि सार्वजनिक परिवहन और जल मार्गों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।








