जोधपुर: यूपी कैडर के दो वरिष्ठ और प्रतिष्ठित IPS अफसर, कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका वर्मा ने शाही अंदाज में शादी कर सबका ध्यान खींच लिया। प्रशासनिक और सियासी हलकों में लंबे समय से चर्चित यह जोड़ी अब जीवनभर के लिए एक-दूसरे के साथ बंध गई। शादी की रस्मों में अनोखे और जज्बाती पल देखने को मिले, जिसने समारोह को यादगार बना दिया।
घुटनों पर बैठकर वरमाला का नायाब पल
शादी का सबसे चर्चित और दिलचस्प दृश्य तब आया जब अंशिका वर्मा वरमाला लेने स्टेज पर आईं। आम तौर पर वर को खड़े होकर माला पहनाई जाती है, लेकिन कृष्ण कुमार बिश्नोई ने घुटनों पर बैठकर अंशिका से माला ली, जिससे समारोह स्थल तालियों और वाह-वाह से गूंज उठा। इस दौरान बैकग्राउंड में कैलाश खेर का सूफियाना नग्मा “ओ री सखी मंगल गाओ री” बज रहा था, जिसने इस पल को और भी जादुई बना दिया। इसके बाद जब बिश्नोई ने अंशिका को माला पहनाई, तो उन्होंने शर्माते हुए सिर झुका लिया, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था।

शाही बारात और ऐतिहासिक रस्में
बारात की शुरुआत भव्य रेंज रोवर कार से हुई, और बिश्नोई घोड़ी पर सवार होकर बारात में शामिल हुए। बारातियों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर पूरे रास्ते जोधपुर तक करीब 200 किलोमीटर का जश्न मनाया। पिता सुजाना राम बिश्नोई ने भी खुशी के इस मौके पर खुद को रोक नहीं पाया। बारात का अंतिम पड़ाव अजित भवन रहा, जहां द्वारचार और अन्य पारंपरिक रस्में अदा की गईं।

थीम और भव्य कार्यक्रम
शादी की थीम “कृष्णांशिका” रखी गई, जो दोनों अफसरों के नामों का सुंदर संगम है। पूरे समारोह में पारंपरिक संगीत, नृत्य, रंगारंग कार्यक्रम और सांस्कृतिक झलकियों ने शादी को यादगार बना दिया। अगले दिन लहरिया रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी हस्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
संदेश और सामाजिक चर्चा
यह शादी सिर्फ दो अफसरों का मिलन नहीं, बल्कि यह इस बात का भी संदेश है कि वर्दी की सख्ती के पीछे भी दिल धड़कते हैं। प्रशासनिक और सियासी गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि यह पावर कपल आगे प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में कौन-कौन से कमाल दिखाएगा।








