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Wireless Electricity: तारों से बिजली वाला गया जमाना, अब बिना तारों के आपके घर आयेगी बिजली

Wireless Electricity: तारों से बिजली वाला गया जमाना, अब बिना तारों के आपके घर आयेगी बिजली
Wireless Electricity: तारों से बिजली वाला गया जमाना, अब बिना तारों के आपके घर आयेगी बिजली

Jambhsar Media Digital Desk: बिना तार-पोल के घर-घर आएगी बिजली, गायब होंगे खंभे-तारों के जाल, भारत के इस शहर में काम चालु। आज हम जानेंगे कि बिना तारपोल के भी कैसे बिजली आ सकती हैं।

जिस तरह आप बिना तार खंभो के इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसी तरह अब बिना तार खंभो की बिजली भी आएगी। जी हां अब सड़कों से तार और खंभो के जाल नहीं नजर जाएंगे। दरअसल, हम बात कर रहे वायरलेस बिजली की। चलिए जानते हैं कि इस बिजली का विकास कैसे हुआ और भारत के किस शहर में इस पर काम चालू है। साथ ही इस पर हमारे देश के प्रधानमंत्री का क्या कहना है।

वायरलेस बिजली की परिकल्पना आज से डेढ़ सौ साल पहले निकोला टेस्ला ने करी थी। बता दे की 1890 के दशक में सर्वप्रथम टेस्ला के द्वारा बिना तार के बिजली सप्लाई करने के बारे में सोचा था और इस कार्यक्रम को उन्होंने टेस्ला कॉइल नाम दिया था। जिसमें ट्रांसफर सर्किट पर काम हो रहा था। जिससे बिजली पैदा की जानी थी और आज इस प्रोग्राम को सफलता मिल ही गई है। जिससे अब हमारे देश भारत में भी बिना तार खंभो के बिजली आएगी। आइये जानते हैं सबसे पहले भारत के किस शहर में वायरलेस बिजली पर काम चल रहा है।

भारत के हरियाणा के हिसार में वायरलेस बिजली पर काम चल रहा है। बता दे कि यह पायलट प्रोजेक्ट है। जिसमें एक बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी और नए प्रौद्योगिकी के जरिए वायरलेस बिजली प्राप्त होगी। इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि वायरलेस बिजली आपूर्ति का पहला शहर हिसार का पायलट प्रोजेक्ट बन रहा है। इस तरह अब हमारे देश को भी तार और बिजली के खंभो के जाल से मुक्ति मिल जाएगी। जिससे देश में होने वाले तार बिजली की वजह से घटनाएं नहीं होगी।

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