सर्विस में कमी रही तो अब बैंक को देना होगा कस्टमर को
जुर्माना
भारतीय बैंकों के कस्टमर को सर्विस देने के
स्टैंडर्ड में सुधार करने के लिए पूर्व डिप्टी गवर्नर बीपी कांगु अध्यक्षता वाली कमेटी जिकों बेकों द्वारा कस्टमर सर्विस मे
कमियों पर ऐक रिपोर्ट तैयार करणा था जिन्होंने अपना रिपोर्ट बनाकर समिति
ने रिजर्व बैंक को सौंप दी है कमेटी ने कई सुझाव दिए हैं उन सुझावों में अलग-अलग
तरह के कस्टमरओं के ऊपर बैंक द्वारा जो
चार्ज लगाए जाते हैं और सर्विस में कमी रहती हैं उनको लेकर RBI को सुजाव दिए गए हैं कमेटी
ने सुझाव में लिखा है कि अगर बैंकों की ओर से दी जाने वाली customer servicesमें कमियां पाई
जाती हैं तो बैंकों के ऊपर जुर्माना लगाया जाना चाहिए साथ ही आरबीआई को ग्राहकों
के अधिकारों के लिए चार्ट बनाने पर विचार करना चाहिए इस प्रकार के सुझाव दिए हैं
बैंक अपने कस्टमर को सुविधाएं प्रदान करने के
लिए कौन-कौन से चार्ज लेता है
बैंक अपने कस्टमर को काफी सारी सुविधाएं पर वेट
करता है और इन सुविधाओं के सर्विस चार्ज लेता है पिंकी के सर्विस का उपयोग करते होंगे
लोग लेकिन क्या आप लोगों को मालूम है की बैंक इन पर काफी बड़ा चार्ज हो सकता है
बहुत से लोगों को इस सर्विस के बारे में जानकारी नहीं है और वह सर्विस का इस्तेमाल
करते हैं और उनके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं तो आज जानते हैं बैंक कौन-कौन से चार
लगाता है आपको
(1) atm एटीएम से पैसा निकालने पर लगता है चार्ज
बैंक atm full form Automated
Teller Machine ( ऑटोमेटेड टेलर मशीन ) एटीएम धारक जब
अपने खाते से एटीएम के द्वारा पैसे विड्रोल करते हैं हमे जब भी पेसे की जरूरत पड़ती है तो हम सर्च करते है icici atm near me , sbi atm near me , hdfc
atm near me या कोई
अन्य बेंक एटीएम सर्च करके हमे जब जरूरत होती है तो हम पेसे निकाल लेते है लेकिन इसकी
भी फिक्स लिमिट होती है बैंक एटीएम से transaction limit सीमित संख्या
में फ्री ट्रांजैक्शन की अनुमति देते हैं इसके
साथ साथ सीमित संख्या से ज्यादा ट्रांजैक्शन करने पर बैंक कस्टमर से चार्ज
पेमेंट करता है यह सुविधा हर बैंकों की अलग-अलग हैं
इसके साथ-साथ बैंक में जो कार्ड फॉरवर्ड करता
है उसका मेंटेनेंस चार्ज भी लेता है
(2) बेंक से पेसे भेजने पर
bank transaction चार्ज लेता है
बैंक में ट्रांजैक्शन transaction meaning in hindi ( लेन – देन ) कुछ ही फ्री प्रोवाइड करता है जिसमें
आप महीने में तय नियमों के मुताबिक ही चार या पांच ट्रांजैक्शनो तक ही फ्री कर सकते हैं upi transaction limit per day की ही होती है लेकिन इन ट्रांजैक्शन के बाद आपको कोई भी
केस ट्रांजैक्शन करते हैं तो उस पर चार्ज लगता है चार्ज हर बैंक के लिए उनके
नियमों के अनुसार अलग-अलग होता है सरकारी बैंकों पर आमतौर पर यह चार्ज ₹20 से ₹100
तक लगता है
(3) खाते में बैलेंस नहीं होने पर चार्ज
जब भी हम
खाता
खुलवा
ते
हैं
तो
बैंक
हमें
यह
चीज
बताता
है
कि
आप
के
खाते
की
मिनिमम
बैलेंस
राशि
कितनी
होनी
चाहिए
हालांकि
यह
जानकारी
आज
से
कुछ
समय
पहले
जब
अकाउंट
खुलवा
देते
तो
कस्टमर
को
नहीं
दी
जाती
थी
लेकिन
कस्टमर
जैसे
जैसे
जागरुक
होते
गए
वैसे
वैसे
बैंकों
ने
भी
अपने
यह
चार्जेस
बढ़ाने
शुरू
कर
दिया
पहले
बहुत
कम
हुआ
करते
थे
लेकिन
आप
भी
बड़े
हैं
प्राइवेट
बैंकों
के
अंदर
इस
प्रकार
न्यूनतम
बैलेंस
के
लिए
अलग–अलग
हिसाब
से
हैं
चार्ज
करते
हैं
जेसे
sbi current account minimum balance
का
अलग
रूल
है
hdfc saving account minimum balance अलग रूल है
salary account minimum balance फिर
भी
ऐसे
बहुत
सारे
अकाउंट
है
जिनके
अंदर
icici savings account minimum balance
25000/Month
भी
होना
चाहिए
ऐसे
रूल
भी
है
ये
सभी
का
अलग
अलग
चार्ज
लगता
है
(4) बेंक खाते से दूसरे बेंक
खाते मे पैसा भेजने का चार्ज
कस्टमर अपने खाते
से
दूसरे
खाते
में
जब
neft transaction time एनईएफटी
( neft rtgs imps ) आरटीजीएस
ट्रांसलेशन
करते
हैं
तब
भी
उन्हें
चार्ज
लगता
है
neft rtgs timings अलग
अलग
है
लेकिन
imps neft rtgs difference
आइएमपीएस
ट्रांजैक्शन
पर
चार्ज
जो
है
वह
ट्रांसफर
होने
वाली
राशि
के
ऊपर
निर्भर
करता
है
ओर
इनका
चार्ज
अलग
अलग
है
|
(4) Document – doc charges in
bank कागजात
एंड
डॉक्यूमेंटेशन
चार्ज
बैंक ग्राहकों के खाता खोलते वक्त उन्हें नहीं
बताते कि उनको डॉक्यूमेंट के लिए भी चार्ज लगाया जा रहे हैं जैसे कि अकाउंट
स्टेटमेंट जारी करने पर आपको चार्ज लगेगा डुप्लीकेट पासबुक जारी करवाने पर आपको
चार्ज लगेगा और चेक जारी करवाने पर आपको चार लगेगा यह चार सभी बैंकों के अलग-अलग
हैं और कुछ नियमों तक कई सुविधाएं फ्री भी है
कमेटी ने सुझावों की जो सिफारिश की वह कुछ इस
प्रकार हैं
केवाईसी का एक सेंट्रलाइज डेटाबेस जो एक ग्राहक को के डेटा की सुरक्षा
सुनिश्चित की जाए
कस्टमर को सर्विस का प्रोडक्शन हो
ग्राहकों के अधिकारों को लेकर ऐक चार्टर बनाया जाए
ग्राहकों को अपनी शिकायतें निपटारा करने का
अधिकार मिले
भिन्न-भिन्न सर्विस की एवज में लिए जाने वाले
चार्ज कम हो
बैंकों में कस्टमर सर्विस का तौर तरीका बदला
जाना चाहिए
इसके अलावा भी सुझाव था कोई भी व्यक्ति प्रॉपर्टी के ऊपर लोन लेता है
तो उसे तय समय में प्रॉपर्टी के दस्तावेज वापस लौटना चाहिए कमेटी ने कहा है कि आरबीआई ( RBI ) ग्राहकों के
अधिकारों के चार्टर को एनबीएफसी (
Non Banking Financial Company) पर भी लागू करने पर विचार कर सकती हैं
बैंक होम लोन चुकाने के बाद ग्राहकों को प्रॉपर्टी का दस्तावेज तुरंत वापस करना
चाहिए किसी के प्रॉपर्टी के दस्तावेज गुम होने
पर बैंक जिम्मेदार होने चाहिए जब भी बेंक
ग्राहक का खाता खोलता है तो नॉमिनी की जानकारी भी जरूरी होनी चाहिए|
ये
सुझाव कस्टमर सर्विस को लेकर डिप्टी
गवर्नर पीपी गागू
की समिति ने अपनी एक रिपोर्ट के अंदर आरबीआई को सौंपा है क्योंकि आजकल बैंक बहुत
ही ज्यादा चार्ज लगाने लगे हैं और अपनी मनमर्जी से चार्ज को बढ़ाते रहते हैं इसी
के चलते गवर्नर पीपी गागू समिति ने
कस्टमर की सर्विस में सुविधाओं को बढ़ाने और उनके ऊपर चार्जेस कम करने के उद्देश्य
से यह रिपोर्ट जारी की गई
#rbi_assistant_admit_card









