बालोतरा 8 अप्रैल 2026 :- राजस्थान के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठने जा रहा है। नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। यह पिछले दो महीनों में उनका राज्य का दूसरा दौरा होगा, जिससे इस परियोजना की अहमियत साफ झलकती है।
राजस्थान के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
पचपदरा रिफाइनरी सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली पहल है। इस प्रोजेक्ट से बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्र में बड़ा इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होने की उम्मीद है।
क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास होगा
लॉजिस्टिक्स और परिवहन सेक्टर को मजबूती मिलेगी
छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे

लागत में कई बार हुआ बदलाव
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत साल 2013 में हुई थी, लेकिन समय के साथ इसकी लागत में लगातार वृद्धि होती गई।
2013 में प्रारंभिक लागत: करीब 37,230 करोड़ रुपए
2018 में संशोधित लागत: 43,129 करोड़ रुपए
2023 में लागत बढ़कर: 72,937 करोड़ रुपए
2025 के संशोधन के बाद: लगभग 79,459 करोड़ रुपए
यह प्रोजेक्ट Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है।

दो बार हुआ शिलान्यास
पचपदरा रिफाइनरी का शिलान्यास दो अलग-अलग समय पर हुआ—
22 सितंबर 2013 को सोनिया गांधी द्वारा पहली बार
16 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पुनः कार्यारंभ
अत्याधुनिक तकनीक से लैस रिफाइनरी
यह रिफाइनरी देश की सबसे आधुनिक परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।
BS-6 मानक पर आधारित उत्पादन
पेट्रोकेमिकल प्लांट के साथ विकसित
“Zero Liquid Discharge” तकनीक – कोई तरल कचरा बाहर नहीं
पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अत्याधुनिक सिस्टम

उत्पादन क्षमता और कच्चा तेल सप्लाई
रिफाइनरी की क्षमता भी इसे खास बनाती है—
सालाना 9 मिलियन टन कच्चे तेल की रिफाइनिंग
2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स
7.5 मिलियन टन क्रूड ऑयल अरब देशों से आएगा
1.5 मिलियन टन तेल राजस्थान से ही उपयोग होगा
ट्रायल रन के बाद जल्द होगा कमर्शियल उत्पादन
रिफाइनरी के पहले चरण के लिए ट्रायल रन की तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। कच्चे तेल के प्रसंस्करण की प्रक्रिया के बाद जल्द ही इसका व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
सरकार की बड़ी योजना और रोजगार पर असर
राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस परियोजना को राजस्थान के विकास की रीढ़ बताया है। इससे न सिर्फ औद्योगिक विकास होगा, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन राजस्थान के औद्योगिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह प्रोजेक्ट न केवल पश्चिमी राजस्थान की तस्वीर बदलेगा, बल्कि राज्य को ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में नई पहचान भी दिलाएगा।








