8 मार्च की रात गुवाहाटी से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट में ऐसा मामला सामने आया, जिसने यात्रियों की सांसें रोक दी। रात लगभग 8:30 बजे, जब विमान 30 से 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तब तीन युवकों ने अचानक हंगामा करना शुरू कर दिया। उन्होंने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया कि “प्लेन क्रैश होने वाला है।”
इस अचानक आई अफवाह ने पूरे केबिन में दहशत फैला दी। विमान में सवार छोटे बच्चे और महिलाएं डर के मारे रोने लगीं। एयर होस्टेस और क्रू मेंबर युवकों को समझाने की कई बार कोशिश कर चुके थे, लेकिन तीनों युवक नहीं रुके। यहां तक कि उन्होंने महिला क्रू मेंबर के साथ भी अभद्रता की।
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए राजस्थान कैडर के आईपीएस पंकज चौधरी, जो उसी फ्लाइट में मौजूद थे, ने खुद हस्तक्षेप किया। पंकज चौधरी ने तीनों युवकों को कड़े शब्दों में डांटते हुए चिल्लाने से रोका और उनका व्यवहार नियंत्रित किया। उन्होंने क्रू मेंबर को भी एसओपी के अनुसार कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया।
युवकों को शांत कर यात्रियों को सुरक्षित रखने के बाद, जैसे ही फ्लाइट दिल्ली पहुंची, पंकज चौधरी ने सीआईएसएफ की क्विक रेस्पॉन्स टीम बुलवाई। तीनों युवकों को डिटेन कर उनके खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की गई और माफी भी मंगवाई गई। इस घटना के बाद इंडिगो ने क्रू मेंबरों के व्यवहार की जांच शुरू कर दी है।
पंकज चौधरी ने बताया:
“मैंने पिछले 15-20 सालों में हवाई यात्रा की है, लेकिन कभी फ्लाइट में ऐसी घटना नहीं देखी। तीनों युवक लगातार 10-15 मिनट तक चीखते रहे। यात्रियों का डर देखकर मुझे हस्तक्षेप करना पड़ा। अंततः हम तीनों युवकों को नियंत्रित कर सुरक्षित लैंडिंग करवा पाए।”

मुख्य बिंदु:
गुवाहाटी से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में रात 8:30 बजे 3 युवक हंगामा करते रहे।
युवकों ने चिल्लाते हुए प्लेन क्रैश होने का डर फैलाया।
बच्चे और महिलाएं डर के मारे रोने लगीं।
राजस्थान कैडर के आईपीएस पंकज चौधरी ने स्थिति संभाली।
फ्लाइट लैंड होते ही सीआईएसएफ को बुलाकर युवकों को डिटेन किया गया।
इंडिगो ने क्रू मेंबरों के खिलाफ जांच शुरू की।








