देशभर में 1 अप्रैल से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया गया है। 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम में करीब 195 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी कीमत लगभग 1911 रुपये से बढ़कर 2106 रुपये तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि पिछले 25 दिनों में कुल मिलाकर 309 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे छोटे से बड़े व्यापारियों तक पर सीधा असर पड़ने लगा है।
इसके साथ ही 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर की कीमत में भी करीब 51 रुपये का इजाफा हुआ है और अब यह 549 रुपये में मिल रहा है।
किन सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
कॉमर्शियल LPG का इस्तेमाल मुख्य रूप से फूड इंडस्ट्री में होता है, इसलिए इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है।
होटल और रेस्टोरेंट पर असर
एलपीजी महंगा होने से खाना बनाने की लागत बढ़ गई है। ऐसे में होटल और रेस्टोरेंट अपने मेन्यू की कीमतें 20% से 30% तक बढ़ा सकते हैं। कई जगहों पर रेस्टोरेंट कुछ आइटम्स हटाने या काम के घंटे कम करने पर भी विचार कर रहे हैं।
ढाबे और स्ट्रीट फूड विक्रेता
छोटे दुकानदारों और ठेले वालों की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा। बढ़ती लागत के कारण या तो उन्हें कीमतें बढ़ानी होंगी या मुनाफा कम करना पड़ेगा।
बेकरी और मिठाई कारोबार
ब्रेड, केक, बिस्किट और मिठाइयों के उत्पादन में LPG का उपयोग होता है। ऐसे में इन प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
कैटरिंग और इवेंट इंडस्ट्री
शादी, पार्टी और बड़े आयोजनों में खाना बनाना महंगा हो जाएगा। इससे कैटरिंग चार्ज बढ़ सकते हैं और इवेंट का कुल बजट भी बढ़ेगा।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर असर
Zomato और Swiggy जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर करना भी महंगा हो सकता है, क्योंकि रेस्टोरेंट अपनी बढ़ी हुई लागत ग्राहकों से वसूलेंगे।
आम आदमी पर क्या असर?
खाने-पीने की चीजें महंगी होने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ेगा। बाहर खाने के साथ-साथ घर के खर्च भी प्रभावित हो सकते हैं।
क्यों बढ़े LPG के दाम?
तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर हैं। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और सप्लाई बाधित होने के कारण कच्चे तेल और LPG की कीमतों में उछाल आया है। इससे आयात महंगा हो गया और कंपनियों ने यह बोझ उपभोक्ताओं पर डाल दिया।
एक्सपर्ट की राय
National Restaurant Association of India का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर गंभीर असर पड़ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो रोजाना सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
कई कारोबारी अब इलेक्ट्रिक या अन्य विकल्पों की ओर जाने की सोच रहे हैं, लेकिन यह बदलाव आसान नहीं है और इसमें समय और निवेश दोनों ज्यादा लगते हैं।
कॉमर्शियल LPG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर अब सीधे आम लोगों तक पहुंचने लगा है। आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजें और महंगी हो सकती हैं, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ने की संभावना है।








