राजस्थान के कई क्षेत्रों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कमी के बीच कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार कुछ दुकानदार और बिचौलिए गैस की कमी का फायदा उठाकर घरेलू सिलेंडरों को तय सरकारी कीमत से कई गुना ज्यादा दर पर बेच रहे हैं। एक किराना दुकान से सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग का मामला सामने आया है, जहां जरूरतमंद लोगों को गैस सिलेंडर तीन गुना कीमत तक में दिया जा रहा था।
कैमरे में कैद हुआ पूरा नेटवर्क
इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक कथित दलाल ग्राहक से बातचीत करते हुए बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का दावा करता दिखाई दे रहा है। बातचीत में वह साफ तौर पर कहता है कि उसके पास सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक है और जरूरत के हिसाब से कई सिलेंडर तुरंत उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
वीडियो सामने आने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण कर उन्हें ब्लैक में बेचा जा रहा है।
किराना दुकानों और गोदामों में छिपाकर रखा जा रहा स्टॉक
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दुकानदारों ने घरेलू सिलेंडरों का बड़ा स्टॉक जमा कर रखा है। इन सिलेंडरों को खुले बाजार में नहीं बल्कि छिपकर जरूरतमंद लोगों को ज्यादा कीमत लेकर बेचा जा रहा है। कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक कामों में भी किया जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
प्रशासन की कार्रवाई की तैयारी
मामला सामने आने के बाद रसद विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में कालाबाजारी और अवैध भंडारण की पुष्टि होती है तो संबंधित दुकानदारों और दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
उपभोक्ताओं में नाराजगी, सख्त कार्रवाई की मांग
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद आम लोगों में भी नाराजगी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार और संबंधित विभागों को गैस आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को उचित कीमत पर गैस उपलब्ध हो सके।








