जोधपुर। शहर में साइबर अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवक को ऑनलाइन ठगों ने अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपए की ठगी को अंजाम दिया। इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ पूरा मामला?
पीड़ित युवक को ठगों ने इंटरनेट के जरिए संपर्क किया और भरोसे में लेकर उसे अलग-अलग तरीकों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए राजी कर लिया। धीरे-धीरे आरोपी ने उससे कुल 13.28 लाख रुपए हड़प लिए। युवक को जब ठगी का अहसास हुआ, तब उसने तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करवाई।
जयपुर एटीएस ने जारी की जीरो नंबर एफआईआर
शिकायत मिलने के बाद जयपुर एटीएस (Anti-Terrorism Squad) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीरो नंबर एफआईआर दर्ज की। इसके बाद केस को संबंधित क्षेत्र में भेजा गया, जहां अब स्थानीय पुलिस कार्रवाई कर रही है।
राजीव गांधी नगर थाने में मामला दर्ज
मामले को ट्रांसफर किए जाने के बाद राजीव गांधी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जांच में जुटी पुलिस, डिजिटल सुराग खंगाले जा रहे
पुलिस का कहना है कि साइबर ठग अक्सर फर्जी पहचान और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। फिलहाल जांच टीम मोबाइल नंबर, बैंक खातों और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है।
बढ़ते साइबर अपराध पर चिंता
यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में आम लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश के प्रस्ताव पर भरोसा करने से बचने की जरूरत है।








