अजमेर। राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक और अहम सफलता हाथ लगी है। जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अजमेर के दरगाह क्षेत्र से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसकी पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उससे जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
अब तक 50 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में चल रहे इस अभियान के दौरान अब तक 50 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा चुकी है। यह अभियान अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चल रहा अभियान
यह पूरी कार्रवाई अजमेर रेंज के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की जा रही है। पुलिस ने इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें स्थानीय पुलिस, सीआईडी और अन्य खुफिया एजेंसियों को शामिल किया गया है। टीम लगातार संवेदनशील इलाकों में नजर बनाए हुए है।
इन इलाकों में चला सघन सर्च ऑपरेशन
STF ने मुखबिरों की सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर दरगाह बाजार, अंदरकोट, तारागढ़, नई सड़क, सिलावट मोहल्ला, बड़ा पीर रोड और आसपास के क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर उनकी जांच की गई।
ऐसे हुआ आरोपी का खुलासा
कार्रवाई के दौरान बड़ा पीर रोड इलाके में एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूमता मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपनी पहचान बांग्लादेश के रंगपुर जिले के निवासी के रूप में बताई। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि वह बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रहा था।
भारत में प्रवेश और अजमेर तक पहुंचने की कहानी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अवैध रूप से सीमा पार कर पहले पश्चिम बंगाल के मालदा क्षेत्र पहुंचा, जहां उसने कई सालों तक अस्थायी जीवन बिताया। इसके बाद वह ट्रेन के जरिए दिल्ली पहुंचा और फिर अजमेर आ गया। यहां दरगाह इलाके में रहकर वह भीख मांगकर अपना जीवन यापन कर रहा था।
पुलिस नेटवर्क खंगालने में जुटी
फिलहाल पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसके भारत में और किन लोगों से संपर्क हैं और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि उसे यहां तक पहुंचने में किसने मदद की।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।








