बाड़मेर में इन दिनों एक बड़ा विवाद सुर्खियों में है, जिसमें भजन गायक छोटू सिंह रावणा और विधायक रविंद्र सिंह भाटी आमने-सामने नजर आ रहे हैं। यह मामला अब केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप भी ले चुका है।
सड़कों पर दिखा समर्थकों का बड़ा काफिला
बुधवार को छोटू सिंह रावणा अपने समर्थकों के साथ बड़े काफिले में बाड़मेर शहर से शिव की ओर रवाना हुए। इस दौरान सैकड़ों गाड़ियां, खासकर SUV और बाइक शामिल थीं, जिससे पूरा माहौल किसी चुनावी रैली जैसा दिखाई दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यह काफिला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे “न्याय के लिए समर्थन” बता रहे हैं, तो कुछ इसे सीधे तौर पर “शक्ति प्रदर्शन” मान रहे हैं।
FIR से पहले समाज की सभा
शिव पहुंचने के बाद छोटू सिंह सीधे थाने नहीं गए, बल्कि रावणा राजपूत समाज की एक सभा में शामिल हुए। इस सभा में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
सभा के दौरान:
समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाई
विधायक के कथित व्यवहार की आलोचना की गई
छोटू सिंह को समर्थन देने का खुला ऐलान किया गया
इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया।

“मैं कलाकार हूं, राजनीति नहीं कर रहा”
छोटू सिंह रावणा ने अपने बयान में साफ कहा कि उनका मकसद राजनीति करना नहीं है। उन्होंने खुद को एक कलाकार बताते हुए कहा कि वे केवल अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए कानून का सहारा ले रहे हैं।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि प्रभावशाली लोगों के कारण उनकी शिकायत दर्ज कराने में बाधा आ सकती है, इसलिए वे समर्थकों के साथ पहुंचे।
विवाद की असली वजह क्या है?
जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी से हुई।
छोटू सिंह का आरोप: विधायक ने फोन पर धमकी दी
विधायक का पक्ष: उन्होंने आरोपों को नकारते हुए कहा कि कुछ लोग दूसरों के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं
दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
इस पूरे घटनाक्रम के चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शिव क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह का टकराव रोका जा सके।
चूंकि:
एक तरफ लोकप्रिय विधायक हैं
दूसरी तरफ बड़ी फैन फॉलोइंग वाले भजन गायक
ऐसे में हालात को संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
क्या आगे बढ़ सकता है विवाद?
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि FIR दर्ज होती है या नहीं और आगे कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है। अगर मामला और बढ़ता है, तो यह विवाद सामाजिक टकराव का रूप भी ले सकता है।
भाटी और रावणा के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब जनसमर्थन, सोशल मीडिया और सामाजिक एकजुटता के कारण बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह तय करेगा कि मामला शांत होता है या और अधिक राजनीतिक रंग लेता है।








