जोधपुर। शहर में वनभूमि पर बढ़ते अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। लंबे समय से जारी अतिक्रमण की शिकायतों और जांच के बाद प्रशासन ने हजारों अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने ऐसे 9,526 मकानों की पहचान की है, जो वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति के बनाए गए हैं। इन अवैध कब्जों को हटाने की दिशा में पहला कदम उठाते हुए संबंधित घरों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने का फैसला लिया गया है।
पहले सुविधाएं बंद, फिर हटेगा अतिक्रमण
प्रशासन की रणनीति के तहत पहले इन अवैध निर्माणों को दी जा रही मूलभूत सुविधाएं बंद की जाएंगी, ताकि कब्जाधारियों पर दबाव बनाया जा सके। इसके बाद भी अगर लोग स्वेच्छा से कब्जा नहीं हटाते हैं, तो बुलडोजर चलाकर निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।

वनभूमि पर बढ़ता दबाव बना चिंता का कारण
जोधपुर शहर के आसपास वन क्षेत्र में तेजी से हो रहे अवैध निर्माण लंबे समय से चिंता का विषय बने हुए हैं। इन कब्जों के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहे हैं।
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद संयुक्त सर्वे कर यह कार्रवाई तय की गई।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने साफ किया है कि यह अभियान केवल शुरुआत है। आगे भी ऐसे सभी अवैध कब्जों की पहचान कर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सरकारी और वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों में चिंता, प्रशासन सख्त
इस फैसले के बाद प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कानून के तहत ही कार्रवाई की जा रही है और किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जोधपुर में वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज हो सकता है, जिससे शहर में अवैध कब्जों पर लगाम लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।








