ब्रेकिंग1 रुपए के शगुन में सजी सादगी भरी शाही शादी IPS केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा जीवनसाथी बने, जोधपुर में हुआ भव्य रिसेप्शन...ब्रेकिंगधमकियों से परेशान भजन गायक छोटू सिंह रावणा, एसपी से मांगी सुरक्षा—1 अप्रैल को दर्ज कराएंगे FIR...ब्रेकिंगशादी से लौट रहे युवक पर तलवारों से हमला, उदयपुर में पुरानी रंजिश ने ली जान...ब्रेकिंगसावधान! एक क्लिक में खाली हुआ अकाउंट—जोधपुर में साइबर ठगी का बड़ा केस...ब्रेकिंगरविंद्र सिंह भाटी, छोटू सिंह रावणा, बाड़मेर विवाद, शिव विधायक, सोशल मीडिया विवाद, FIR, मानहानि केस, CID-CB जांच, राजपूत समाज, सड़क वीडियो विवादब्रेकिंग93% अंक लाकर भी अधूरी रह गई खुशी—श्रीगंगानगर की निकिता रिजल्ट से पहले ही दुनिया छोड़ गई...ब्रेकिंग1 रुपए के शगुन में सजी सादगी भरी शाही शादी IPS केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा जीवनसाथी बने, जोधपुर में हुआ भव्य रिसेप्शन...ब्रेकिंगधमकियों से परेशान भजन गायक छोटू सिंह रावणा, एसपी से मांगी सुरक्षा—1 अप्रैल को दर्ज कराएंगे FIR...ब्रेकिंगशादी से लौट रहे युवक पर तलवारों से हमला, उदयपुर में पुरानी रंजिश ने ली जान...ब्रेकिंगसावधान! एक क्लिक में खाली हुआ अकाउंट—जोधपुर में साइबर ठगी का बड़ा केस...ब्रेकिंगरविंद्र सिंह भाटी, छोटू सिंह रावणा, बाड़मेर विवाद, शिव विधायक, सोशल मीडिया विवाद, FIR, मानहानि केस, CID-CB जांच, राजपूत समाज, सड़क वीडियो विवादब्रेकिंग93% अंक लाकर भी अधूरी रह गई खुशी—श्रीगंगानगर की निकिता रिजल्ट से पहले ही दुनिया छोड़ गई...
भारतBreaking·जम्भसार मीडिया·

“होर्मुज में खतरे के बीच बढ़ा ‘ग्रीन सान्वी’… क्या टल गया भारत का बड़ा गैस संकट?”

होर्मुज जलडमरूमध्य संकट ,ग्रीन सैनवी एलपीजी टैंकर  ,भारत को गैस आपूर्ति  ,ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट ,ग्रीन सैनवी एलपीजी टैंकर ,भारत को गैस आपूर्ति ,ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण बेहद संवेदनशील बने Strait of Hormuz से भारतीय एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ सफलतापूर्वक आगे बढ़ गया है। यह हालिया संकट के दौरान इस मार्ग को पार करने वाला सातवां भारतीय गैस टैंकर बन गया है।

सुरक्षित रास्ते से आगे बढ़ा टैंकर

शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के अनुसार ‘ग्रीन सान्वी’ फिलहाल लारक-केशम चैनल से गुजर चुका है, जिसे इस खतरनाक जलमार्ग का अपेक्षाकृत सुरक्षित मार्ग माना जाता है। टैंकर में लगभग 58 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद अहम है। जहाज ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) चालू रखा हुआ है, जिससे उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

अभी भी फंसे हैं कई जहाज

हालांकि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। ‘जग विक्रम’ और ‘ग्रीन आशा’ नाम के दो भारतीय टैंकर अभी भी होर्मुज के आसपास फंसे हुए हैं। ये पहले ‘ग्रीन सान्वी’ के आसपास ही देखे गए थे, लेकिन अब यह टैंकर आगे निकल चुका है। भारतीय नौसेना और संबंधित एजेंसियां इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के प्रयास में जुटी हुई हैं।

पहले भी पहुंच चुके हैं कई टैंकर

इससे पहले भी कई भारतीय टैंकर सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं, जिनमें ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’, ‘जग वसंत’, ‘BW टायर’, ‘BW एल्म’ और ‘पाइन गैस’ शामिल हैं। हाल ही में ‘जग वसंत’ ने Kandla Port पर 47,612 मीट्रिक टन एलपीजी पहुंचाई थी, जबकि ‘पाइन गैस’ ने New Mangalore Port पर 45,000 मीट्रिक टन गैस की डिलीवरी दी।

कई भारतीय जहाज अब भी खतरे के दायरे में

शिपिंग महानिदेशालय के अनुसार, वर्तमान में करीब 17 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं। इसके अलावा कुछ जहाज ओमान की खाड़ी, अदन की खाड़ी और लाल सागर क्षेत्र में भी हैं। इनमें से कई जहाज Shipping Corporation of India के भी हैं।

हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा चुनौती

इस पूरे संकट के बीच खाड़ी क्षेत्र में लगभग 20,500 भारतीय नाविक तैनात हैं। इनमें से सैकड़ों भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर काम कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि 3 अप्रैल तक 1,100 से अधिक नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग जोखिम वाले क्षेत्रों में मौजूद हैं।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल और LNG आपूर्ति गुजरती है। फरवरी 2026 में Iran द्वारा इस मार्ग को बंद किए जाने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं और कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया।

भारत के लिए क्या मायने

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में ‘ग्रीन सान्वी’ जैसे टैंकरों का सुरक्षित पहुंचना देश के लिए बड़ी राहत है। हालांकि, जब तक क्षेत्र में तनाव कम नहीं होता, तब तक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहेगा।

‘ग्रीन सान्वी’ का सुरक्षित आगे बढ़ना सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन होर्मुज संकट अभी खत्म नहीं हुआ है और भारत समेत दुनिया की नजरें इस अहम समुद्री मार्ग पर टिकी हुई हैं।

इस लेख को शेयर करें

संबंधित लेख

सबसे ज्यादा पढ़ा गया