राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए 65 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस फेरबदल में कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, जिनमें जोधपुर भी शामिल है। सरकार ने प्रशासन को मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से युवा और अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
आलोक रंजन बने जोधपुर के नए कलेक्टर
जोधपुर जिले की कमान अब 2013 बैच के आईएएस अधिकारी आलोक रंजन संभालेंगे। वे पहले चित्तौड़गढ़ के कलेक्टर पद पर कार्यरत थे। खास बात यह है कि उन्हें जोधपुर का पहले से अनुभव है, क्योंकि वे यहां एसडीएम के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
आलोक रंजन विभिन्न जिलों जैसे डूंगरपुर, झालावाड़ और भरतपुर में कलेक्टर रह चुके हैं। साथ ही वे केंद्र सरकार में भी अहम पद पर कार्य कर चुके हैं, जिससे उन्हें प्रशासनिक कार्यों का व्यापक अनुभव है।
गौरव अग्रवाल को उदयपुर की जिम्मेदारी
वर्तमान जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल का तबादला कर उन्हें उदयपुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। अब तक उनके पास जोधपुर संभागीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी था, जिसे अब अलग कर दिया गया है।
कन्हैयालाल स्वामी बने जोधपुर संभागीय आयुक्त
2010 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कन्हैयालाल स्वामी को जोधपुर संभाग का नया आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी अतिरिक्त रूप से संभाली जा रही थी, लेकिन अब इसे नियमित रूप से नियुक्त किया गया है।
नगर निगम जोधपुर में भी बड़ा बदलाव
जोधपुर नगर निगम में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। 2019 बैच के आईएएस अधिकारी राहुल जैन को नया नगर निगम आयुक्त बनाया गया है।
राहुल जैन इससे पहले उदयपुर विकास प्राधिकरण में आयुक्त पद पर कार्यरत थे। वे जयपुर (चौमू), अजमेर (ब्यावर) और सिरोही (माउंट आबू) में एसडीएम रह चुके हैं और राजसमंद जिला परिषद के सीईओ के रूप में भी अनुभव रखते हैं।
वहीं वर्तमान नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पालानीचामी को बीकानेर भेजा गया है।
फलोदी जिले को भी मिला नया कलेक्टर
फलोदी जिले में भी बदलाव करते हुए 2014 बैच के आईएएस अंकित कुमार सिंह को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे पहले डूंगरपुर के कलेक्टर थे और करौली व बांसवाड़ा जैसे जिलों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
वहीं, फलोदी की वर्तमान कलेक्टर श्वेता चौहान को जयपुर में उद्यानिकी विभाग में आयुक्त पद पर भेजा गया है।
युवा अधिकारियों को जिम्मेदारी, बेहतर प्रशासन की उम्मीद
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश में सुशासन और कार्यक्षमता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। खासकर जोधपुर जैसे प्रमुख जिले में अनुभवी और ऊर्जावान अधिकारियों की नियुक्ति से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।








