जोधपुर |
राजस्थान के जोधपुर में छात्र राजनीति को लेकर रविवार देर रात उस समय माहौल गरमा गया जब जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय परिसर के बाहर लगे एक कार्यक्रम के पोस्टर और साइन बोर्ड को हटाने के विवाद में पुलिस ने एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष बबलू सोलंकी को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद एनएसयूआई के कई छात्र नेता और कार्यकर्ता रातानाडा थाने पहुंच गए और पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हो गई।
क्या है पूरा मामला
बताया जा रहा है कि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय के बाहर हाल ही में आयोजित एक प्रदर्शनी से जुड़े साइन बोर्ड और पोस्टर लगाए गए थे। यह कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री द्वारा उद्घाटित किया गया था। आरोप है कि कुछ छात्र नेताओं ने इन पोस्टरों को उखाड़ दिया और फाड़ दिया, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और आयोजकों ने इसकी शिकायत पुलिस में दी।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए एनएसयूआई जिला अध्यक्ष बबलू सोलंकी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। जैसे ही इस बात की जानकारी छात्र संगठन के अन्य नेताओं को मिली, वे बड़ी संख्या में रातानाडा थाने पहुंच गए।
थाने में हुआ हंगामा और बहस
थाने पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और इसे छात्र राजनीति को दबाने की कोशिश बताया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और छात्र नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मौके पर मौजूद एसीपी मंगलेश के साथ भी कार्यकर्ताओं की बहस हो गई। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए छात्रों को शांत रहने की समझाइश दी।

पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संगठन का आरोप
एनएसयूआई नेताओं का कहना है कि पुलिस ने बिना पर्याप्त जांच के उनके जिला अध्यक्ष को हिरासत में लिया है। उनका आरोप है कि छात्र आवाज उठाते हैं तो उन पर दबाव बनाने के लिए पुलिस कार्रवाई की जाती है। संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ा तनाव
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक माहौल गरमा गया है। छात्र संगठनों का कहना है कि यदि उनके नेता को बिना कारण परेशान किया गया तो वे आंदोलन भी कर सकते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। आने वाले समय में इस पूरे विवाद पर प्रशासन का रुख क्या रहता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।








