राजस्थान के बाड़मेर जिले में सोशल मीडिया पर एक कमेंट को लेकर प्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच विवाद गहराता जा रहा है। मामला इतना बढ़ गया कि अब यह बहस सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल चुकी है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक छोटे बच्चे ने स्विमिंग पूल के उद्घाटन के लिए विधायक रविंद्र सिंह भाटी को आमंत्रित किया था। विधायक ने इस बच्चे से वीडियो कॉल पर बात भी की, जिसे लोगों ने खूब सराहा।
इसके बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें एक कथित कैंसर पीड़ित बच्चा भावुक होकर कहता नजर आया कि उसने विधायक को कई बार कॉल और मैसेज किए, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी।

छोटू सिंह रावणा का कमेंट और आरोप
इस दूसरे वीडियो पर भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने कमेंट करते हुए लिखा कि
“अगर यह बच्चा रील स्टार होता तो सभी नेता उसके पास होते।”

रावणा का कहना है कि यह एक सामान्य सामाजिक टिप्पणी थी, लेकिन इसके बाद उन्हें रात करीब 11 बजे विधायक की ओर से फोन आया।
रावणा ने आरोप लगाया कि फोन पर उन्हें धमकी भरे लहजे में कहा गया—
“दो बार आपको छोड़ दिया है, अब जो कर रहे हो वह ठीक नहीं है, यह मेरा लास्ट कॉल है।”

उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि वे एक कलाकार हैं और अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता रखते हैं। उन्होंने किसी तरह की गाली-गलौच नहीं की, केवल सामान्य टिप्पणी की थी, ऐसे में उन्हें धमकाना गलत है।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी का जवाब
विवाद पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि—
किसी भी विषय पर टिप्पणी करने से पहले उसकी सच्चाई जानना जरूरी है।
उन्हें उस बच्चे की वास्तविक स्थिति की पूरी जानकारी नहीं थी।
वे जरूरतमंदों की मदद करने से कभी पीछे नहीं हटते।
अगर कोई बिना तथ्य जाने नैरेटिव बनाने की कोशिश करता है, तो यह गलत है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार व्यक्ति को प्रतिक्रिया देने से पहले पूरी जानकारी जुटानी चाहिए और किसी का “टूल” नहीं बनना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुछ लोग रावणा के समर्थन में अभिव्यक्ति की आजादी की बात कर रहे हैं
वहीं कुछ लोग विधायक के पक्ष में तथ्य जानने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं
यह मामला एक साधारण सोशल मीडिया कमेंट से शुरू होकर अब सार्वजनिक विवाद बन चुका है। एक ओर कलाकार अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि जिम्मेदारी और तथ्यों की पुष्टि पर जोर दे रहे हैं।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद और कितना आगे बढ़ता है या आपसी संवाद से शांत होता है।








