राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ली है। बीकानेर और जालोर में सुबह से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है, वहीं जैसलमेर और बाड़मेर में तेज हवाओं के साथ बरसात ने फसलों को नुकसान पहुँचाया है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में डूंगरपुर और बांसवाड़ा को छोड़कर यलो अलर्ट और 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस नए सिस्टम का असर 20 मार्च तक रहने की संभावना है।
फसलों को हुआ नुकसान
जैसलमेर जिले में तड़के सुबह 4 बजे हुई बारिश ने खड़ी और कटी हुई फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया। नेहरी क्षेत्र, रामगढ़, कीता गांव, डाबला भू और अन्य ग्रामीण इलाकों में किसानों को नुकसान उठाना पड़ा।

तापमान में गिरावट
बारिश और हवाओं के कारण प्रदेश के कई इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर में बुधवार को अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य तापमान से लगभग 9 डिग्री कम है। श्रीगंगानगर में तापमान 23.7 डिग्री (7.8 डिग्री कम) और बीकानेर में 27.9 डिग्री (6.1 डिग्री कम) रहा।

राजधानी और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम
जयपुर में लगातार दूसरे दिन सुबह से बादल छाए हुए हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में भी बदले मौसम का असर साफ देखा जा सकता है। पहाड़ों में बर्फबारी भी जारी है।
अलर्ट और सावधानियां
यलो अलर्ट: अधिकांश जिलों में जारी
ऑरेंज अलर्ट: 9 जिलों में जारी
बारिश और ओलों के कारण किसानों और ग्रामीण इलाकों में सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग ने आगाह किया है कि तेज हवाओं और ओलों के कारण फसलों को और नुकसान पहुँच सकता है। नागरिकों को बाहर जाते समय सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।








