राजस्थान में गर्मी ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है और अप्रैल के मध्य में ही हीटवेव जैसे हालात बनने लगे हैं। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। 18 अप्रैल को जयपुर में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जो 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। यह इस साल पहली बार है जब राजधानी में पारा इस स्तर तक गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के करीब 18 शहरों में अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। खासतौर पर झुंझुनूं और अलवर जैसे इलाकों में गर्म हवाओं का असर ज्यादा देखने को मिला, जहां दोपहर के समय लू जैसे हालात बन गए।
दिन में तेज धूप, रातें भी हो रहीं गर्म
राजस्थान के अधिकांश जिलों में दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। शहरी क्षेत्रों में गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जा रहा है।
अगले सप्ताह और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले सप्ताह में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के इलाकों में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
किन क्षेत्रों में ज्यादा असर
पश्चिमी राजस्थान के जिलों—जैसे बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर—में गर्मी का असर पहले से ही अधिक है, लेकिन अब पूर्वी राजस्थान भी इसकी चपेट में आ रहा है। जयपुर, अलवर, झुंझुनूं सहित शेखावाटी क्षेत्र में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लू से बचाव के लिए विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
राजस्थान में गर्मी का यह दौर अभी और तेज होने वाला है। अप्रैल के अंत तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बन सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।








