राजस्थान के फलोदी क्षेत्र के सोनालपुरा गांव की होनहार पैरा एथलीट प्रियंका बिश्नोई ने एक बार फिर देशभर में अपना दम दिखाया है। भुवनेश्वर में 17 से 22 मार्च तक आयोजित 24वीं पैरा नेशनल चैंपियनशिप में प्रियंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर नया नेशनल रिकॉर्ड बना दिया।
इतना ही नहीं, उन्होंने इस प्रतियोगिता में एशियाई स्तर की मजबूत खिलाड़ी और ग्रांट फिक्स गोल्ड मेडलिस्ट लक्ष्मी को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इस शानदार प्रदर्शन के साथ प्रियंका ने एशियन चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
इसके अलावा प्रियंका ने शॉट पुट थ्रो में सिल्वर मेडल जीतकर राजस्थान और अपने गांव का नाम रोशन किया है।
प्रियंका बिश्नोई की प्रमुख उपलब्धियाँ
खेल: डिस्कस थ्रो और शॉट पुट
24वीं पैरा नेशनल चैंपियनशिप 2026 (भुवनेश्वर)
डिस्कस थ्रो – गोल्ड मेडल (नया नेशनल रिकॉर्ड)
शॉट पुट – सिल्वर मेडल
पैरा खेलो इंडिया 2025 (दिल्ली)
डिस्कस थ्रो – सिल्वर मेडल
शॉट पुट – ब्रॉन्ज मेडल
पैरा नेशनल चैंपियनशिप 2024
डिस्कस थ्रो – गोल्ड मेडल
इंटरनेशनल पैरा चैंपियनशिप 2025 (बेंगलुरु)
डिस्कस थ्रो – सिल्वर मेडल
धोरों में से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक सफर
प्रियंका बिश्नोई राजस्थान के फलोदी जिले के छोटे से गांव सोनलपुरा की रहने वाली एक प्रतिभाशाली दिव्यांग खिलाड़ी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से खेल जगत में खास पहचान बनाई है।
वह अपने कोच यमुना शंकर आसोपा, महीपाल जी और शोभा मैम के मार्गदर्शन में लगातार प्रशिक्षण ले रही हैं और अब उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए मेडल जीतना है।
मातापिता का भी बड़ा योगदान रहा
प्रियंका के पिता कुंभाराम खावा देश की सेवा में BSF में कार्यरत हैं और वर्तमान में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उड़ीसा में तैनात हैं। बेटी की इस उपलब्धि से पूरे परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर है।
प्रियंका बिश्नोई की यह उपलब्धि न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है








