जोधपुर। शहर के नई सड़क क्षेत्र से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आंध्रप्रदेश पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से 19 वर्षीय युवक जीशान को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि युवक कथित रूप से एक ऐसे ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़ा था, जहां सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा कंटेंट साझा किया जा रहा था।
विजयवाड़ा कनेक्शन से जोधपुर तक पहुंची जांच
जानकारी के अनुसार, आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में पहले गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध युवकों से पूछताछ के दौरान जीशान का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी माध्यम से उसकी लोकेशन ट्रेस की और जोधपुर पहुंचकर कार्रवाई की।
मंगलवार रात आंध्रप्रदेश पुलिस की टीम ने सदर बाजार थाना पुलिस के साथ मिलकर नई सड़क इलाके में दबिश दी और आरोपी को हिरासत में लिया।
ऑनलाइन ग्रुप का एडमिन, वीडियो-ऑडियो से होता था प्रचार
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जीशान एक ऑनलाइन ग्रुप का एडमिन था। इस ग्रुप में वीडियो और वॉयस नोट्स के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा कंटेंट साझा किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ‘BENX’ नाम के एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि उसे एडमिन बनाने से पहले एक तरह की “परीक्षा” ली गई थी, जिससे उसकी सक्रियता और निष्ठा का आकलन किया गया।
डिलीट किया डेटा, फिर भी पुलिस ने किया रिकवर
गिरफ्तारी से पहले आरोपी ने अपने मोबाइल से कई आपत्तिजनक और संदिग्ध कंटेंट डिलीट करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने तकनीकी सहायता से डाटा को रिकवर कर लिया है।
अब मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
दो साल से सक्रिय, युवाओं को जोड़ने की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से इस गतिविधि में शामिल था। वह अन्य युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।
प्रारंभिक संकेतों के अनुसार, इस ग्रुप में विदेशों से जुड़े कुछ लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
ट्रांजिट रिमांड पर आंध्रप्रदेश ले जाया जाएगा
फिलहाल आरोपी को जोधपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा, जिसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर आंध्रप्रदेश ले जाने की तैयारी है। वहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और उनके संपर्कों का भी खुलासा हो सकता है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बढ़ी चिंता
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं तक पहुंचकर उन्हें प्रभावित करने की कोशिशें जारी हैं। ऐसे मामलों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और डिजिटल गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।








