बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र में इन दिनों एक विवाद तेजी से गहराता जा रहा है, जिसमें भजन गायक छोटू सिंह रावणा और विधायक रविंद्र सिंह भाटी आमने-सामने नजर आ रहे हैं। मामला अब सिर्फ व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील रूप ले चुका है।
क्या है पूरा मामला?
भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले कुछ वर्षों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि इन धमकियों में विधायक रविंद्र सिंह भाटी और उनके सहयोगियों का नाम सामने आ रहा है।
रावणा के मुताबिक हाल ही में उन्हें फोन के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाने की कोशिश भी की गई, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी। इसी के चलते उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।
पुलिस पर FIR दर्ज करने में हिचक का आरोप
जब छोटू सिंह रावणा शिकायत लेकर शिव थाने पहुंचे तो उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस एक जनप्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज करने में संकोच कर रही है।
इस बात से नाराज होकर उनके समर्थक और समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराने की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
सोशल मीडिया टीम पर गंभीर सवाल
इस विवाद का एक बड़ा पहलू सोशल मीडिया से भी जुड़ा हुआ है। रावणा ने आरोप लगाया कि विधायक से जुड़ी एक संगठित ऑनलाइन टीम फर्जी अकाउंट्स के जरिए ट्रोलिंग और भड़काऊ टिप्पणियां करती है।
उनका दावा है कि जैसे ही कोई वीडियो पोस्ट होता है, तुरंत बड़ी संख्या में कमेंट आने लगते हैं, जिससे यह एक योजनाबद्ध गतिविधि प्रतीत होती है। साथ ही, फर्जी ग्रुप बनाकर उन्हें बदनाम करने और मानसिक दबाव बनाने की भी बात कही गई है।
जातिगत तनाव बढ़ाने के आरोप
रावणा ने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में समाजों के बीच दूरी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में पूरे समाज को अपमानित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई समुदायों में नाराजगी बढ़ रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज को अपमानित किया गया तो इसका विरोध और तेज होगा।
थाने के बाहर धरना, बढ़ा तनाव
शिकायत दर्ज नहीं होने से नाराज लोगों ने शिव थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट मांग रखी कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाए और निष्पक्ष जांच हो।
इस दौरान क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना रहा और प्रशासन पर स्थिति को संभालने का दबाव बढ़ गया।
मामला क्यों बन रहा है बड़ा?
एक जनप्रतिनिधि पर गंभीर आरोप
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
सोशल मीडिया के दुरुपयोग का मुद्दा
समाजों के बीच बढ़ता तनाव
इन सभी कारणों से यह विवाद अब स्थानीय मुद्दे से आगे बढ़कर राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है।
अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। अगर जल्द ही निष्पक्ष जांच और स्पष्ट कदम नहीं उठाए गए, तो यह विवाद और ज्यादा गहराने की संभावना है।
स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक नेताओं से भी अपील की जा रही है कि वे आगे आकर स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में भूमिका निभाएं।








