राजस्थान के सीकर जिले में पंचायतीराज विभाग की बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के हालिया दौरे के बाद स्वच्छता व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए एक साथ 11 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा कई अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप का माहौल है।
मंत्री के दौरे के बाद तेज हुई कार्रवाई
करीब छह दिन पहले मंत्री मदन दिलावर ने सीकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया था। इस दौरान उन्हें स्वच्छता व्यवस्था में खामियां और लापरवाही देखने को मिली। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को चेतावनी देते हुए साफ कहा था कि लापरवाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दौरे के बाद विपक्ष, खासकर कांग्रेस, लगातार कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठा रहा था। अब विभाग की इस कार्रवाई को उसी दबाव और मंत्री के निर्देशों का परिणाम माना जा रहा है।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
विभागीय आदेशों के अनुसार कई ब्लॉकों के अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इनमें विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, अतिरिक्त विकास अधिकारी, सहायक अभियंता और अन्य पदों पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं।
निलंबित अधिकारियों में प्रमुख रूप से:
लक्ष्मणगढ़ की विकास अधिकारी रोमा सहारण
रतनगढ़ के सहायक विकास अधिकारी दिलीप कुमार सोनी
लक्ष्मणगढ़ के अतिरिक्त विकास अधिकारी बनवारीलाल मीणा
रतनगढ़ के सहायक अभियंता गोपेश कुमार निराला
पिपराली के प्रगति प्रसार अधिकारी रामप्रसाद बगड़िया
लक्ष्मणगढ़ के सहायक अभियंता वीरेन्द्र चाहर
कार्यवाहक विकास अधिकारी सुरेन्द्र कुमार शर्मा
सहायक विकास अधिकारी बीरबल सिंह
पलसाना के सहायक अभियंता महेन्द्र कुमार
पिपराली के अतिरिक्त विकास अधिकारी रतनलाल गुर्जर
रतनगढ़ के विकास अधिकारी जगदीश व्यास
इन सभी पर स्वच्छता कार्यों में लापरवाही का आरोप है।
को-ऑर्डिनेटर पदमुक्त, अधिकारियों को नोटिस
कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही। विभाग ने:
चूरू और सीकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए
स्वच्छ भारत मिशन के को-ऑर्डिनेटरों को पदमुक्त करने के आदेश जारी किए
ग्राम पंचायत सांवलोदा धायलान और जसरासर के प्रशासकों को हटाने के निर्देश दिए
इससे साफ है कि विभाग इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहता।
ग्राम स्तर पर भी होगी सख्ती
मंत्री ने साफ संकेत दिए हैं कि कार्रवाई सिर्फ अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगी। ग्राम पंचायत स्तर पर भी सख्ती बढ़ेगी।
सांवलोडा धायलान, खातीपुरा, जसरासर, रैवासा और पलसाना के ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं बाजौर के ग्राम विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
अधिकारियों की सफाई: संसाधनों की कमी बड़ी वजह
हालांकि विभागीय कार्रवाई के बाद अधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने कई अधिकारियों का कहना है कि:
सफाई के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं था
कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है
संसाधनों के अभाव में जमीनी स्तर पर काम प्रभावित हुआ
उनका तर्क है कि इन समस्याओं के कारण हालात बिगड़े, जिसका खामियाजा अब सख्त कार्रवाई के रूप में सामने आया है।
प्रशासन में बढ़ी हलचल
एक साथ इतने बड़े स्तर पर हुई कार्रवाई ने पूरे पंचायतीराज विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस कदम को सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के रूप में देखा जा रहा है, खासकर स्वच्छता जैसे संवेदनशील मुद्दे पर।
अब यह देखना अहम होगा कि इस कार्रवाई के बाद जमीनी स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था में कितना सुधार आता है और क्या विभाग संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं का भी समाधान कर पाता है।








