ब्रेकिंगमहाकुंभ की मोनालिसा निकली नाबालिग! शादी के बाद हुआ बड़ा खुलासा...ब्रेकिंग“दस्तावेज सही या साजिश गहरी? महाकुंभ वायरल लव स्टोरी में बड़ा खुलासा,फरमान के दावों से बढ़ा विवाद”ब्रेकिंग“मोनालिसा गायब” की अफवाह का खुलासा! वायरल वीडियो बना सिरदर्द, सामने आई पूरी सच्चाईब्रेकिंग“लोकसभा में बड़ा उलटफेर तय! परिसीमन और आरक्षण मिलकर कैसे बदलेंगे सत्ता का गणित?”ब्रेकिंगDubai Sheikh Lifestyle: दुबई के शेखों की ताकत का राज है ये चीज़, खाने के बाद कमरें से निकलती है चीखेंब्रेकिंग“परंपरा की नई मिसाल केक बैन से लेकर सादी सगाई तक, समाज ने दिखाई जागरूकता”ब्रेकिंगमहाकुंभ की मोनालिसा निकली नाबालिग! शादी के बाद हुआ बड़ा खुलासा...ब्रेकिंग“दस्तावेज सही या साजिश गहरी? महाकुंभ वायरल लव स्टोरी में बड़ा खुलासा,फरमान के दावों से बढ़ा विवाद”ब्रेकिंग“मोनालिसा गायब” की अफवाह का खुलासा! वायरल वीडियो बना सिरदर्द, सामने आई पूरी सच्चाईब्रेकिंग“लोकसभा में बड़ा उलटफेर तय! परिसीमन और आरक्षण मिलकर कैसे बदलेंगे सत्ता का गणित?”ब्रेकिंगDubai Sheikh Lifestyle: दुबई के शेखों की ताकत का राज है ये चीज़, खाने के बाद कमरें से निकलती है चीखेंब्रेकिंग“परंपरा की नई मिसाल केक बैन से लेकर सादी सगाई तक, समाज ने दिखाई जागरूकता”

“फर्जी कॉल का जाल हुआ बेनकाब! अब ठगों का खेल खत्म करने आया ये नया डिजिटल हथियार”

“फर्जी कॉल का जाल हुआ बेनकाब! अब ठगों का खेल खत्म करने आया ये नया डिजिटल हथियार”

जयपुर, 8 अप्रैल।
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान पुलिस ने आमजन को सतर्क रहने और डिजिटल सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। इसी दिशा में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा शुरू किया गया ‘चक्षु पोर्टल’ अब लोगों के लिए एक प्रभावी सुरक्षा कवच बनकर सामने आया है।

राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा के अनुसार, यह पोर्टल फर्जी कॉल, संदिग्ध मैसेज और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का प्लेटफॉर्म देता है। खास बात यह है कि यहां शिकायत दर्ज कराने पर केवल मोबाइल नंबर ही बंद नहीं होता, बल्कि उस डिवाइस का IMEI नंबर भी ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है। इससे अपराधी उसी फोन से दोबारा ठगी नहीं कर पाता।

कैसे काम करता है चक्षु पोर्टल

पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना बेहद आसान है। यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध कॉल, SMS या व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त होता है, तो वह संबंधित जानकारी जैसे—

  • कॉल/मैसेज का माध्यम

  • घटना का समय और तारीख

  • स्क्रीनशॉट या अन्य सबूत

अपलोड करके तुरंत रिपोर्ट कर सकता है। इसके बाद संबंधित एजेंसियां जांच कर कार्रवाई करती हैं।

इन मामलों में तुरंत करें रिपोर्ट

साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में निम्न परिस्थितियों में तुरंत रिपोर्ट करना जरूरी है—

  • कुरियर या बैंक के नाम पर कॉल कर निजी जानकारी मांगना

  • KYC अपडेट के बहाने धोखाधड़ी की कोशिश

  • खुद को पुलिस, CBI, RBI या कस्टम अधिकारी बताकर डराना (डिजिटल अरेस्ट)

  • विदेशी नंबरों (+92, +84, +62 आदि) से जॉब ऑफर या मिस कॉल

कहां करें शिकायत: सही प्लेटफॉर्म का चुनाव जरूरी

राजस्थान पुलिस ने लोगों को यह भी समझाया है कि किस स्थिति में कौन-सा प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करना चाहिए—

  • सिर्फ संदिग्ध कॉल/मैसेज मिला हो (कोई नुकसान नहीं हुआ):
    चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट करें

  • अगर ठगी हो चुकी है और पैसे कट गए हैं:
    तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

  • मोबाइल फोन खो जाए या चोरी हो जाए:
    ‘संचार साथी’ के CEIR पोर्टल पर जाकर फोन ब्लॉक या ट्रैक करें

पुलिस की अपील: जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या संदिग्ध संदेश पर भरोसा न करें और तुरंत रिपोर्ट करें। समय रहते कार्रवाई करने से न केवल खुद को बल्कि अन्य लोगों को भी साइबर ठगी से बचाया जा सकता है।

जरूरत पड़ने पर लोग अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क कर सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1930, 9256001930 और 9257510100 पर सूचना दे सकते हैं।

सतर्क रहें, डिजिटल रूप से सुरक्षित रहें — यही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है

इस लेख को शेयर करें

संबंधित लेख

सबसे ज्यादा पढ़ा गया